बिलासपुर में स्कूल बसों की सुरक्षा जांच, 200 से अधिक बसों का मैकेनिकल परीक्षण और चालकों का स्वास्थ्य परीक्षण

यातायात पुलिस बिलासपुर ने परिवहन और स्वास्थ्य विभाग के साथ संयुक्त रूप से स्कूल बसों की सुरक्षा जांच के लिए विशेष शिविर आयोजित किया। शिविर में 200 से अधिक स्कूल बसों का मैकेनिकल निरीक्षण, दस्तावेजों की जांच तथा चालकों और परिचालकों का स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण किया गया। नियमों का पालन नहीं करने पर परमिट निरस्त करने की चेतावनी भी दी गई।

Jul 13, 2026 - 10:52
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बिलासपुर में स्कूल बसों की सुरक्षा जांच, 200 से अधिक बसों का मैकेनिकल परीक्षण और चालकों का स्वास्थ्य परीक्षण

UNITED NEWS OF ASIA. विशु तिवारी, बिलासपुर l स्कूली बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यातायात पुलिस बिलासपुर ने परिवहन विभाग और स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से पुलिस परेड ग्राउंड में विशेष शिविर आयोजित किया। इस शिविर में जिले के विभिन्न शिक्षण संस्थानों की 200 से अधिक स्कूल बसों का मैकेनिकल निरीक्षण किया गया। साथ ही बस चालकों और परिचालकों का स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण भी कराया गया।

यह अभियान पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) रामगोपाल करियारे के नेतृत्व में आयोजित किया गया। शिविर में सभी स्कूलों के बस प्रभारी, चालक, परिचालक और बसों को अनिवार्य रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए गए थे।

संयुक्त टीम ने स्कूल बसों के टैक्स, फिटनेस, बीमा, परमिट, स्पीड गवर्नर प्रमाण-पत्र, जीपीएस, प्रदूषण प्रमाण-पत्र तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों की विस्तृत जांच की। पूर्व निर्धारित चेकलिस्ट के आधार पर प्रत्येक बस का निरीक्षण किया गया और यह सुनिश्चित किया गया कि सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है।

यातायात पुलिस ने स्कूल संचालकों, प्राचार्यों और बस प्रभारियों को निर्देश दिए कि सभी बसों में निर्धारित सुरक्षा उपकरण और दस्तावेज हमेशा अद्यतन रखें। जिन बसों में आवश्यक दस्तावेज या सुरक्षा मानकों की कमी पाई जाएगी, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय तक कमियां दूर नहीं करने पर संबंधित स्कूल बसों के परमिट निरस्त करने की प्रक्रिया भी अपनाई जा सकती है।

शिविर के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बस चालकों और परिचालकों का सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण तथा नेत्र परीक्षण किया। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि स्कूल बस चलाने वाले चालक शारीरिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ हों और सुरक्षित वाहन संचालन में सक्षम हों। अधिकारियों ने वाहन चालकों को नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की भी सलाह दी।

यातायात पुलिस ने चालकों और परिचालकों को सड़क सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करने, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने, बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा बसों का समय-समय पर मैकेनिकल निरीक्षण कराने के निर्देश दिए। साथ ही किसी भी तकनीकी खराबी को तत्काल ठीक कराने की हिदायत दी गई ताकि सड़क पर अप्रिय स्थिति या दुर्घटना की संभावना को रोका जा सके।

शिविर में परिवहन विभाग के क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी असीम माथुर, स्वास्थ्य विभाग से डॉ. सुधांशु शर्मा, नेत्र सहायक अधिकारी नवीन तंबोली, भागीरथ बंजारे तथा शासकीय अस्पताल के चिकित्सकों सहित यातायात पुलिस के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी ऐसे संयुक्त अभियान जारी रहेंगे ताकि स्कूल बसों की सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत हो सके तथा विद्यार्थियों का सफर सुरक्षित बनाया जा सके।