लालपुर के निस्तारी तालाब को बचाने कलेक्टर को सौंपा गया ज्ञापन, निवासियों ने की तत्काल सुधार की मांग
लालपुर के ऐतिहासिक शीतला निस्तारी तालाब को निजी भूमि के रूप में दर्ज किए जाने के खिलाफ स्थानीय निवासियों और पंकज शर्मा ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। भ्रष्टाचार, राजस्व त्रुटि और भू-माफिया की मिलीभगत के आरोपों पर कलेक्टर ने आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
UNITED NEWS OF ASIA.अमृतेश्वर सिंह, रायपुर | के लालपुर क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक और निस्तारी शीतला तालाब को बचाने की मांग को लेकर स्थानीय निवासियों ने छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व महामंत्री पंकज शर्मा के साथ कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। 10 दिसंबर को सौंपे गए इस ज्ञापन में निवासियों ने बताया कि वर्ष 1925-26 से लेकर 2000-2001 तक राजस्व अभिलेखों में इस तालाब को तालाब एवं तालाब पार के रूप में दर्ज किया गया था।
लेकिन वर्ष 2002-03 में राजस्व विभाग की गंभीर त्रुटि या कथित मिलीभगत के कारण इस तालाब को अचानक निजी व्यक्ति की कृषि भूमि के रूप में दर्ज कर दिया गया, जिसके बाद से ही विवाद और भ्रष्टाचार के आरोप जोर पकड़ने लगे। पंकज शर्मा ने जानकारी दी कि यह तालाब सिर्फ जल स्रोत ही नहीं, बल्कि स्थानीय आस्था से भी गहराई से जुड़ा है। तालाब के पास स्थित शीतला माता मंदिर में रोजाना पूजा-पाठ और धार्मिक गतिविधियाँ होती हैं |
जिसे संपूर्ण वार्डवासी मिलकर संजोते और संरक्षित करते आ रहे हैं। निजी स्वामित्व दर्ज होने के बाद संबंधित व्यक्ति द्वारा क्षेत्रवासियों पर दबाव बनाकर तालाब पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है, जिससे आमजन में भारी रोष है। निवासियों ने स्पष्ट कहा कि यह खेल केवल राजस्व त्रुटि नहीं बल्कि भू-माफियाओं और कुछ भ्रष्ट अधिकारियों की सांठगांठ का नतीजा है, जिन्होंने मिलकर ग्रामवासियों को धोखा देकर तालाब को निजी नाम से दर्ज करा लिया।
ज्ञापन सौंपते हुए पंकज शर्मा और स्थानीय जनों ने कलेक्टर से तत्काल राजस्व अभिलेख सुधारने, दोषियों पर कार्रवाई करने और तालाब का मूल स्वरूप बहाल करने की मांग की। कलेक्टर ने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। निवासियों ने कहा कि प्रदेश सरकार तालाबों के संरक्षण की बात करती है, लेकिन जमीन माफियाओं से मिलीभगत कर ऐसे निस्तारी संसाधनों को निजी हाथों में सौंपा जा रहा है, जो गंभीर भ्रष्टाचार का संकेत है। लालपुर के लोग तालाब के अस्तित्व को बचाने के लिए संघर्ष जारी रखने की बात कही।
ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष श्रीकुमार मेनन, कृपाराम साहू, मनोज साहू, बलीराम साहू, तीरथ यादव, बंशी सागरवंशी, धीरज जैन, मोनू साहू, हरिचंद साहू सहित कई स्थानीय नागरिक शामिल थे। यह पूरा प्रकरण लालपुर के लोगों के लिए केवल भूमि विवाद नहीं, बल्कि उनकी आस्था, जीवन उपयोग और जनसंपत्ति के संरक्षण से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील मुद्दा बन गया है।