कवर्धा में शुरू होगी रोमांचक जंगल सफारी: 35 किमी रूट, 22 बार नदी पार करने का अनोखा अनुभव

कवर्धा के भोरमदेव अभयारण्य में जल्द जंगल सफारी शुरू होने जा रही है। 35 किमी लंबे रूट में पर्यटकों को 22 बार नदी पार करने का रोमांचक अनुभव मिलेगा, जिससे पर्यटन को नया बढ़ावा मिलेगा।

Apr 22, 2026 - 15:19
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कवर्धा में शुरू होगी रोमांचक जंगल सफारी: 35 किमी रूट, 22 बार नदी पार करने का अनोखा अनुभव

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा l कवर्धा जिले से प्रकृति प्रेमियों और एडवेंचर के शौकीनों के लिए एक शानदार खबर सामने आई है। यहां स्थित भोरमदेव अभयारण्य में जल्द ही जंगल सफारी की शुरुआत होने जा रही है, जो छत्तीसगढ़ के पर्यटन को एक नई पहचान देने वाली पहल मानी जा रही है।

करीब 352 वर्ग किलोमीटर में फैले इस अभयारण्य में 35 किलोमीटर लंबा सफारी रूट तैयार किया गया है। वन विभाग द्वारा लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और इस महीने के अंत तक इसका औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा। इस कार्यक्रम में प्रदेश के वन मंत्री और उपमुख्यमंत्री भी शामिल होंगे।

इस जंगल सफारी की सबसे बड़ी खासियत इसका अनोखा और रोमांच से भरपूर रूट है। सफारी के दौरान पर्यटकों को एक संकरी नदी को लगभग 22 बार पार करना होगा, जो इसे देश की अन्य सफारी से अलग और बेहद खास बनाता है। इसके अलावा यहां घने जंगल, ऊंचे पहाड़, झरने और प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।

सफारी का मुख्य प्रवेश द्वार भोरमदेव मंदिर के पास करियाआमा क्षेत्र में बनाया गया है। पर्यटकों की सुविधा के लिए ऑनलाइन बुकिंग की व्यवस्था भी शुरू की जा रही है। फिलहाल तीन सफारी वाहन उपलब्ध रहेंगे, जिनमें प्रत्येक वाहन में छह पर्यटक, एक ड्राइवर और एक गाइड सफर करेंगे।

वन्यजीव प्रेमियों के लिए यह स्थान बेहद आकर्षक साबित होगा। यहां टाइगर, तेंदुआ, हिरण, हाथी, नीलगाय, वन भैंसा, भालू और सांभर जैसे कई वन्य जीव पाए जाते हैं। हाल ही में तीन टाइगर और तीन तेंदुओं की गतिविधियां कैमरे में कैद हुई हैं, जिससे यह क्षेत्र और भी चर्चित हो गया है।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस सफारी से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। गाइड, ड्राइवर, कैंपिंग और अन्य सेवाओं के माध्यम से ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलेगा।

इसके साथ ही कैंपिंग सुविधा भी विकसित की जा रही है, जिससे पर्यटक जंगल के बीच रात बिताने का अनुभव भी ले सकेंगे। सफारी पूरी करने के बाद पर्यटकों को उसी मार्ग से वापस लाया जाएगा, जहां पार्किंग, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।

कुल मिलाकर, भोरमदेव अभयारण्य की यह जंगल सफारी छत्तीसगढ़ के पर्यटन मानचित्र पर एक नया आकर्षण जोड़ने जा रही है। यह न केवल रोमांच का नया अनुभव देगी, बल्कि प्रकृति और वन्यजीवों के संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ाएगी।