धार में तेंदुए का आतंक: बस्ती में घुसकर महिला समेत चार पर हमला, दो की हालत गंभीर

धार के धामनोद क्षेत्र में एक तेंदुआ बस्ती में घुस आया और महिला समेत चार लोगों पर हमला कर दिया। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि वन विभाग ने इलाके में अलर्ट जारी किया है।

Apr 22, 2026 - 15:14
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धार में तेंदुए का आतंक: बस्ती में घुसकर महिला समेत चार पर हमला, दो की हालत गंभीर

UNITED NEWS OF ASIA. धार जिले के धामनोद वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम गुजरी डेहरिया में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक तेंदुआ अचानक बस्ती में घुस आया और लोगों पर हमला कर दिया। इस हमले में एक महिला सहित चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिससे पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया है।

घटना के अनुसार, तेंदुआ नाला के पास स्थित एक पुलिया के नीचे छिपा हुआ था। सुबह के समय जब एक महिला घर के बाहर कपड़े धो रही थी, तभी तेंदुए ने अचानक उस पर हमला कर दिया। महिला के चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के लोग उसे बचाने के लिए दौड़े, लेकिन तेंदुए ने उन पर भी हमला कर दिया। इस दौरान कुल चार लोग घायल हो गए।

घायलों की पहचान महेश वास्केल, ग्यारसी लाल सोलंकी, कांताबाई राठौड़ और विकास डावर के रूप में हुई है। सभी को तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गुजरी ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। डॉक्टरों के अनुसार, इनमें से दो की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका सर्जिकल वार्ड में इलाज जारी है।

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास शुरू किया। अधिकारियों ने ग्रामीणों को सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। वन विभाग की टीम लगातार तेंदुए की तलाश में जुटी हुई है, लेकिन खबर लिखे जाने तक वह पकड़ में नहीं आ सका है।

ग्रामीणों के अनुसार, तेंदुआ अभी भी बस्ती के आसपास ही कहीं छिपा हुआ है, जिससे लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से घरों के अंदर रहने की हिदायत दी गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जंगलों में भोजन की कमी और बढ़ती मानवीय गतिविधियों के कारण वन्यजीव अक्सर बस्तियों की ओर रुख कर लेते हैं। इस तरह की घटनाएं मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती समस्या को भी उजागर करती हैं।

प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इलाके में निगरानी बढ़ा दी है और आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं। साथ ही, ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना प्रशासन को दें।

यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि वन्यजीवों और मानव बस्तियों के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है। फिलहाल, पूरे गांव में डर और सतर्कता का माहौल बना हुआ है, और सभी की नजरें वन विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं।