सौसर के शासकीय सांदीपनि विद्यालय में प्रवेश उत्सव 2026-27 का शुभारंभ, बच्चों का गर्मजोशी से स्वागत

पांढुरना जिले के सौसर स्थित शासकीय सांदीपनि विद्यालय में नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत प्रवेश उत्सव के साथ हुई। बच्चों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया और उन्हें पाठ्यपुस्तकें व चॉकलेट वितरित की गईं।

Apr 1, 2026 - 19:42
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सौसर के शासकीय सांदीपनि विद्यालय में प्रवेश उत्सव 2026-27 का शुभारंभ, बच्चों का गर्मजोशी से स्वागत

UNITED NEWS OF ASIA. रिंटू खान, सौसर पांढुरना  शासकीय सांदीपनि विद्यालय, सौसर में नवीन शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत उत्साह और उमंग के साथ प्रवेश उत्सव के रूप में की गई। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों के बीच खुशी का माहौल देखने को मिला।

कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती के पूजन के साथ हुई, जिससे पूरे वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ। इसके बाद विद्यालय के मुख्य द्वार पर रिबन काटकर प्रवेश उत्सव का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि पालक संगठन की अध्यक्ष Rintu Khan रहीं, जिन्होंने इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

विद्यालय में नवप्रवेशित नन्हे विद्यार्थियों का तिलक लगाकर और पुष्पों के साथ आत्मीय स्वागत किया गया। इस विशेष स्वागत से बच्चों में नए सत्र के प्रति उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ा। स्वागत के बाद सभी विद्यार्थियों को नई पाठ्यपुस्तकों का वितरण किया गया, जिससे वे अपने शैक्षणिक सफर की शुरुआत उत्साहपूर्वक कर सकें।

कार्यक्रम के दौरान रिंटू खान द्वारा बच्चों को चॉकलेट वितरित की गई, जिससे बच्चों के चेहरे खिल उठे। इस छोटे से प्रयास ने बच्चों के मन में विद्यालय के प्रति अपनापन और खुशी का भाव जगाया।

विद्यालय में मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था भी की गई, जिससे बच्चों को पौष्टिक आहार के साथ-साथ सामूहिकता का अनुभव मिला। यह कार्यक्रम न केवल शिक्षा के महत्व को दर्शाता है, बल्कि बच्चों में स्कूल के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने का भी माध्यम बना।

इस अवसर पर विद्यालय की प्रधान पाठक वैशाली कोरडे सहित सभी शिक्षकगण उपस्थित रहे। इनमें दिलीप विश्वकर्मा, प्रतिभा बर्वे, शिवानी तिवारी, अभिलाषा राठौर, दीपमाला चाके, रानी पवार, रितु बावनकर, संध्या ककोडिया, खेल शिक्षक दर्शन बाविस्टाले और भीमेश्वरी कोष्टा शामिल रहे। सभी शिक्षकों ने बच्चों को पढ़ाई के प्रति प्रेरित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इस प्रवेश उत्सव ने न केवल नए सत्र की शुरुआत को यादगार बनाया, बल्कि विद्यार्थियों में शिक्षा के प्रति उत्साह भी जगाया। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि शिक्षा ही वह आधार है, जो बच्चों के भविष्य को संवारता है और उन्हें सफलता की ओर अग्रसर करता है।