पुराने रास्ता विवाद ने लिया खूनी रूप, एक पक्ष ने तीन लोगों को मारी गोली
लालगंज कोतवाली क्षेत्र के कल्लू का पुरवा गांव में पुराने रास्ता विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई। विवाद के दौरान हुई गोलीबारी में तीन लोग घायल हो गए, जबकि एक अन्य व्यक्ति मारपीट में घायल हुआ। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
UNITED NEWS OF ASIA. उत्तर प्रदेश के Lalganj क्षेत्र में पुराने रास्ता विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। लालगंज कोतवाली क्षेत्र के कल्लू का पुरवा गांव में दो पक्षों के बीच शुरू हुआ विवाद गोलीबारी तक पहुंच गया, जिसमें तीन लोग गोली लगने से घायल हो गए, जबकि एक अन्य व्यक्ति मारपीट में घायल हुआ है। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार कल्लू का पुरवा गांव में लंबे समय से रास्ते को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद चल रहा था। गुरुवार को इसी पुराने विवाद को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। पहले कहासुनी हुई, लेकिन देखते ही देखते मामला हिंसक झड़प में बदल गया। आरोप है कि विवाद के दौरान एक पक्ष ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी।
गोलीबारी में रामचंद्र, प्रमोद और मनोज नामक तीन लोगों को गोली लगी। वहीं शिव प्रकाश नामक व्यक्ति मारपीट में घायल हो गया। सभी घायल गांव के ही निवासी बताए जा रहे हैं। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया और घायलों को आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लालगंज पहुंचाया गया।
चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल दो लोगों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डॉ. सत्यजीत ने बताया कि कुछ घायलों की स्थिति गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र भेजा गया है।
घटना की सूचना मिलते ही Uttar Pradesh Police की टीम मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ की। इलाके में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक प्रारंभिक जांच में मामला पुराने रास्ता विवाद से जुड़ा हुआ सामने आया है। दोनों पक्षों के बीच पहले भी कई बार विवाद हो चुका था। फिलहाल पुलिस तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। घटना में इस्तेमाल हथियारों की भी जांच की जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि पहले ही इस विवाद का समाधान कर लिया जाता तो इतनी बड़ी घटना टाली जा सकती थी। गांव में अब भी तनाव का माहौल बना हुआ है और लोग डरे-सहमे नजर आ रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और भरोसा दिलाया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर बताती है कि छोटे-छोटे स्थानीय विवाद समय रहते नहीं सुलझाए जाएं तो वे गंभीर हिंसा का रूप ले सकते हैं। प्रशासनिक स्तर पर ऐसे मामलों में समय रहते हस्तक्षेप और संवाद की आवश्यकता महसूस की जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।