“जल है तो कल है”: नवविवाहित दुल्हन ने शादी के मंडप से दिया जल संरक्षण का संदेश
आलीराजपुर जिले के ग्राम खंडाला में एक अनूठी पहल के तहत नवविवाहित दुल्हन मीरा देवड़ा ने विवाह समारोह के दौरान जल संरक्षण का संदेश दिया। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में ग्रामीणों ने जल बचाने और पर्यावरण संरक्षण की सामूहिक शपथ ली।
UNITED NEWS OF ASIA. मुस्तकीम मुगल, आलीराजपुर l मध्य प्रदेश के आलीराजपुर जिले के ग्राम खंडाला में एक प्रेरणादायी और अनूठी पहल देखने को मिली, जहां एक विवाह समारोह को सामाजिक जागरूकता के मंच में बदल दिया गया। “जल है तो कल है” के संदेश के साथ नवविवाहित दुल्हन मीरा देवड़ा ने शादी के मंडप से जल संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन का संकल्प लेकर समाज को एक सकारात्मक संदेश दिया। इस पहल की क्षेत्र में काफी सराहना हो रही है।
यह कार्यक्रम मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद जिला आलीराजपुर के विकासखंड आलीराजपुर अंतर्गत सेक्टर आबुआ में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन संस्था रुचि सेवा समिति खंडाला द्वारा “जल गंगा संवर्धन अभियान” के तहत किया गया। विवाह समारोह में शामिल ग्रामीणों, महिलाओं और युवाओं ने भी जल संरक्षण के प्रति जागरूकता दिखाते हुए सामूहिक रूप से जल बचाने की शपथ ली।
कार्यक्रम के दौरान नवविवाहित जोड़े ने संदेश दिया कि पानी केवल एक प्राकृतिक संसाधन नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों का भविष्य है। विवाह जैसे पवित्र अवसर पर जल संरक्षण का संकल्प लेकर उन्होंने समाज के सामने एक नई मिसाल पेश की। ग्रामीणों ने इस पहल को सामाजिक जिम्मेदारी और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
इस अवसर पर सेक्टर प्रभारी रश्मि देवड़ा, बीएसडब्ल्यू छात्रा नेवर देवड़ा एवं परिवार के अन्य सदस्यों ने उपस्थित लोगों को जल संकट की गंभीरता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लगातार घटते जलस्तर और बढ़ती पानी की समस्या को देखते हुए हर व्यक्ति को जल बचाने की जिम्मेदारी निभानी होगी। कार्यक्रम में वर्षा जल संचयन, पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण और पानी के सदुपयोग पर विशेष जोर दिया गया।
ग्रामीण महिलाओं और दीदियों ने भी उत्साहपूर्वक इस अभियान में भाग लिया और अपने घरों तथा गांव में पानी की बर्बादी रोकने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि यदि आज जल संरक्षण की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है।
ग्राम खंडाला की यह पहल इस बात का उदाहरण बनकर सामने आई है कि सामाजिक और पारिवारिक आयोजनों को जनहित अभियानों से जोड़कर बड़े स्तर पर जागरूकता फैलाई जा सकती है। विवाह समारोह में शामिल लोगों ने कहा कि इस तरह के संदेश समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में मददगार साबित होते हैं।
नवदंपति द्वारा विवाह के अवसर पर जल संरक्षण का संदेश देना लोगों को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा दे रहा है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि इस प्रकार की पहल अन्य गांवों और समाजों में भी शुरू होनी चाहिए, ताकि जल संरक्षण एक जनआंदोलन का रूप ले सके।
ग्राम खंडाला में आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक विवाह समारोह नहीं रहा, बल्कि समाज को जागरूक करने वाला प्रेरणादायी अभियान बन गया, जिसने यह साबित कर दिया कि छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव की शुरुआत बन सकते हैं।