नासिक TCS कांड में बड़ा अपडेट: आरोपी निदा खान 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजी गई
नासिक TCS कांड में मुख्य आरोपी निदा खान को कोर्ट ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस हिरासत खत्म होने के बाद उसे नासिक रोड कोर्ट में पेश किया गया था। जांच एजेंसियों को उसके मोबाइल से कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद है। मामले में अन्य आरोपियों ने जमानत याचिका दायर की है।
UNITED NEWS OF ASIA. महाराष्ट्र के चर्चित नासिक TCS कांड में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। जबरन धर्मांतरण और अन्य गंभीर आरोपों से जुड़े इस मामले की मुख्य आरोपी निदा खान को अदालत ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस हिरासत की अवधि समाप्त होने के बाद सोमवार को उसे नासिक रोड कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने यह आदेश दिया।
इससे पहले कोर्ट ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए 8 मई को निदा खान को तीन दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा था। इस दौरान जांच एजेंसियों ने उससे गहन पूछताछ की और कई अहम पहलुओं की जांच की गई।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच टीम हिरासत के दौरान निदा खान को उसके घर और TCS कंपनी के कार्यालय भी लेकर गई थी। वहां पुलिस ने घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाने और स्पॉट पंचनामा की कार्रवाई की। SIT प्रमुख संदीप मिटके ने मामले में निदा खान का ऑनलाइन जवाब और बयान भी दर्ज किया है।
जांच एजेंसियों का दावा है कि निदा खान के मोबाइल फोन से कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं। आरोप है कि उसने कथित तौर पर लोगों का ब्रेनवॉश करने के लिए 171 धार्मिक लिंक भेजे थे। इसके अलावा, जांच में AIMIM पार्षद मतीन पटेल की ओर से आर्थिक मदद मिलने की आशंका भी जताई जा रही है। हालांकि इस संबंध में अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
चार दिन की पूछताछ के बाद अब जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि न्यायिक हिरासत के दौरान भी मामले से जुड़े और बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं। पुलिस इस पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
वहीं इस मामले में निदा खान को छोड़कर अन्य आरोपियों ने अदालत में जमानत याचिका दायर की है। इनमें TCS कंपनी की ऑपरेशन मैनेजर अश्विनी चेनानी का नाम भी शामिल है। कोर्ट में जिन आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई होनी है, उनमें दानिश शेख, तौसिफ अत्तार, रजा मेमन, शाहरुख कुरैशी, शफी शेख, आसिफ अंसारी और अश्विनी चेनानी शामिल हैं।
आरोपियों पर जबरन धर्मांतरण, धार्मिक भावनाएं आहत करने और यौन उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और SIT लगातार जांच में जुटी हुई हैं।
यह मामला सामने आने के बाद पूरे महाराष्ट्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक इस केस को लेकर प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। जांच एजेंसियां अब डिजिटल साक्ष्यों, मोबाइल डेटा और आर्थिक लेन-देन के पहलुओं पर विशेष ध्यान दे रही हैं।
फिलहाल सभी की नजर अदालत की आगामी सुनवाई और अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर टिकी हुई है। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े हर पहलू की निष्पक्ष और गहराई से जांच की जाएगी तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।