15 दिन बाद खत्म हुआ तेंदुए का आतंक, आलीराजपुर के ग्राम कंदा में पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ

आलीराजपुर जिले के जोबट क्षेत्र में पिछले 15 दिनों से दहशत फैला रहे तेंदुए को वन विभाग ने आखिरकार पकड़ लिया। इंदौर वन विभाग की स्पेशल टीम और स्थानीय अमले की मदद से ग्राम कंदा में लगाए गए पिंजरे में तेंदुआ कैद हुआ। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।

May 13, 2026 - 15:44
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15 दिन बाद खत्म हुआ तेंदुए का आतंक, आलीराजपुर के ग्राम कंदा में पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ

UNITED NEWS OF ASIA. मुस्तकीम मुगल, आलीराजपुर l मध्यप्रदेश के आलीराजपुर जिले के जोबट क्षेत्र में पिछले 15 दिनों से दहशत का कारण बने तेंदुए को आखिरकार वन विभाग ने पकड़ लिया है। ग्राम कंदा सहित आसपास के कई गांवों में लगातार दिखाई दे रहे तेंदुए के कारण ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ था। वन विभाग की लगातार कोशिशों और इंदौर से पहुंची स्पेशल रेस्क्यू टीम की मदद से मंगलवार देर रात तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।

जानकारी के अनुसार जोबट क्षेत्र के ग्राम कंदा, चमारबेगड़ा, बांझाबयड़ा, देहदला और हीरापुर बड़ी सहित आसपास के फॉरेस्ट एरिया में पिछले कई दिनों से तेंदुए की मूवमेंट देखी जा रही थी। ग्रामीणों ने कई बार खेतों और जंगल किनारे तेंदुए को घूमते देखा था। इससे पूरे इलाके में डर और दहशत का माहौल बन गया था।

ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुए के भय के कारण लोग शाम ढलते ही घरों में कैद हो जाते थे। किसान खेतों में जाने से डर रहे थे और बच्चों को भी अकेले बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा था। लगातार बढ़ती चिंता को देखते हुए वन विभाग ने इलाके में सर्चिंग अभियान शुरू किया था। वन विभाग की टीम कई दिनों से जंगल क्षेत्र में निगरानी कर रही थी और तेंदुए को पकड़ने के लिए अलग-अलग स्थानों पर पिंजरे लगाए गए थे।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इंदौर वन विभाग की स्पेशल रेस्क्यू टीम को भी मौके पर बुलाया गया। टीम ने स्थानीय वन अमले के साथ मिलकर लगातार कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया। आखिरकार मंगलवार देर रात ग्राम कंदा क्षेत्र में लगाए गए पिंजरे में तेंदुआ फंस गया।

तेंदुए के पकड़े जाने की सूचना जैसे ही गांव में फैली, बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। लोगों ने वन विभाग की टीम की सराहना करते हुए राहत जताई। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले 15 दिनों से पूरे इलाके में भय का माहौल था और अब लोगों को चैन मिला है।

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि तेंदुए को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया गया है। उसकी स्वास्थ्य जांच कर आगे की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ-साथ ग्रामीणों की सुरक्षा भी विभाग की प्राथमिकता है।

वन विभाग ने ग्रामीणों से जंगल क्षेत्रों में सतर्कता बरतने और किसी भी वन्यजीव की गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत सूचना देने की अपील की है। साथ ही अफवाहों से बचने और बिना कारण जंगल क्षेत्र में न जाने की सलाह भी दी गई है।

इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद जोबट क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत महसूस की है और वन विभाग की कार्रवाई को सराहनीय बताया है।