कसौदा स्टॉप डैम निर्माण में अनियमितता का मामला गरमाया, निरीक्षण के बाद ठेकेदार को गुणवत्ता सुधारने के निर्देश
गुंडरदेही क्षेत्र के ग्राम कसौदा में स्टॉप डैम निर्माण में अनियमितता की खबर सामने आने के बाद आरईएस विभाग हरकत में आया। विभागीय एसडीओ ने निर्माण स्थल का निरीक्षण कर गुणवत्ता पूर्ण कार्य करने के निर्देश दिए। वहीं खबर प्रकाशित होने के बाद सरपंच पर पत्रकारों को धमकी देने के आरोप लगे हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. सुनील साहू, बालोद l बालोद जिले के गुंडरदेही क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कसौदा में बन रहे स्टॉप डैम निर्माण कार्य को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। निर्माण कार्य में अनियमितता और गुणवत्ता में कमी की खबर सामने आने के बाद ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग (आरईएस) हरकत में आया है। विभागीय अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का निरीक्षण किया और ठेकेदार को गुणवत्ता पूर्ण निर्माण करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार ग्राम कसौदा में स्टॉप डैम निर्माण कार्य चल रहा है। ग्रामीणों द्वारा निर्माण में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार की शिकायत किए जाने के बाद पत्रकारों ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का जायजा लिया था। खबर प्रकाशित होने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया। इसके बाद आरईएस विभाग के एसडीओ घनश्याम सिन्हा ने निर्माण स्थल का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान एसडीओ ने बताया कि फिलहाल स्टॉप डैम के फाउंडेशन का कार्य जारी है। उन्होंने माना कि निर्माण स्थल पर सूचना बोर्ड नहीं लगाया गया था, जो नियमों के विरुद्ध है। विभाग ने निर्माण एजेंसी को तत्काल सूचना बोर्ड लगाने और गुणवत्ता मानकों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही विभागीय इंजीनियरों को लगातार निरीक्षण कर कार्य की निगरानी करने के लिए कहा गया है।
एसडीओ घनश्याम सिन्हा ने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग गुणवत्ता को लेकर गंभीर है और यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इधर खबर प्रकाशित होने के बाद ग्राम पंचायत कसौदा के सरपंच जितेंद्र चंद्राकर पर पत्रकारों को धमकाने के आरोप लगे हैं। बताया जा रहा है कि सरपंच ने खुद को बड़े नेताओं का करीबी बताते हुए पत्रकारों को खबर प्रकाशित करने पर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। आरोप है कि उन्होंने धमकी भरे लहजे में कहा कि वे लंबे समय से राजनीति में हैं और कोई उनके खिलाफ नहीं बोल सकता।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य पूरी पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ हो रहा है, तो सरपंच को खबर प्रकाशित होने पर नाराज होने की जरूरत नहीं थी। गांव के लोगों ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। साथ ही कुछ ग्रामीणों ने निर्माण कार्य पर अस्थायी रोक लगाने की मांग भी की है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि स्टॉप डैम निर्माण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और पत्रकारों को धमकाने के मामले में भी उचित कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि भ्रष्टाचार उजागर करने वालों की आवाज दबाने का प्रयास लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है।
फिलहाल विभाग ने जांच के बाद विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने की बात कही है। वहीं निर्माण स्थल पर सूचना बोर्ड नहीं लगाए जाने और गुणवत्ता संबंधी सवालों ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।