ऑनलाइन आईपीएल सट्टा नेटवर्क पर रायगढ़ पुलिस का बड़ा एक्शन, आरोपी ने किया आत्मसमर्पण
रायगढ़ पुलिस ने ऑपरेशन अंकुश के तहत ऑनलाइन आईपीएल सट्टा नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सट्टा नेटवर्क से जुड़े आरोपी जसमीत बग्गा उर्फ गुड्डा सरदार ने पुलिस अधीक्षक के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस हवाला और ब्लैकमनी नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
UNITED NEWS OF ASIA. छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में ऑनलाइन आईपीएल सट्टा नेटवर्क के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई लगातार जारी है। रायगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन अंकुश” के तहत एक बड़े सट्टा नेटवर्क का खुलासा हुआ है। इसी कार्रवाई के बीच सट्टा कारोबार से जुड़े आरोपी जसमीत बग्गा उर्फ गुड्डा सरदार ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है।
जानकारी के अनुसार आरोपी जसमीत बग्गा उर्फ गुड्डा सरदार रायगढ़ के गोपी टॉकीज क्षेत्र का निवासी है और ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा नेटवर्क के संचालन में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। आरोपी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के सामने उपस्थित होकर अवैध कारोबार छोड़ने और सामान्य जीवन जीने की बात कही। आरोपी ने बताया कि फरारी के दौरान वह लगातार डर और तनाव में जी रहा था तथा परिवार की चिंता से परेशान था।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने आरोपी को स्पष्ट रूप से कहा कि रायगढ़ पुलिस की निगरानी में सट्टा और अन्य अवैध कारोबार से जुड़े सभी लोग हैं और कोई भी आरोपी लंबे समय तक पुलिस से बच नहीं सकता। उन्होंने युवाओं से भी ऑनलाइन जुआ और सट्टेबाजी से दूर रहने की अपील की।
पुलिस जांच में सामने आया है कि जसमीत बग्गा ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क के प्रमुख आरोपी करन चौधरी उर्फ करन अग्रवाल के नेटवर्क का संचालन संभालता था। पुलिस को उसके संबंध घरघोड़ा और रायपुर के कई बड़े सट्टा कारोबारियों से भी मिले हैं। पुलिस हवाला रकम के लेनदेन और ब्लैकमनी को सफेद करने वाले नेटवर्क की भी गहराई से जांच कर रही है।
इससे पहले 26 अप्रैल को साइबर सेल, थाना कोतवाली और थाना घरघोड़ा की संयुक्त टीम ने रायगढ़ और घरघोड़ा क्षेत्र में ऑनलाइन आईपीएल सट्टा नेटवर्क पर एक साथ छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था और मोबाइल फोन, डिजिटल ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड तथा नकदी जब्त की गई थी। गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में करन चौधरी और जसमीत बग्गा के नेटवर्क की जानकारी पुलिस को दी थी।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि सट्टे से कमाई गई रकम को सीधे अपने पास रखने के बजाय आरोपी विभिन्न कारोबारियों, पेट्रोल पंप और मेडिकल स्टोर के माध्यम से कैश डंप करते थे। इसके बाद हवाला चैनलों के जरिए रकम को दूसरी जगह ट्रांसफर किया जाता था। पुलिस ने इस मामले में पुष्कर अग्रवाल और सुनील अग्रवाल को भी गिरफ्तार किया, जो कथित तौर पर ब्लैकमनी को व्हाइट करने के नेटवर्क में शामिल थे।
पुलिस ने अब तक इस कार्रवाई में एक करोड़ रुपये से अधिक की नकदी, मोबाइल फोन, नोट गिनने की मशीन और अन्य सामग्री जब्त की है। वहीं गोवा के कैंडोलिम बीच स्थित किराए के विला में भी छापेमारी कर बड़े सट्टा नेटवर्क से जुड़े लोगों को पकड़ा गया।
रायगढ़ पुलिस का कहना है कि ऑनलाइन सट्टा और साइबर अपराध के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि आसान कमाई के लालच में अपराध की दुनिया में कदम न रखें, क्योंकि इसका अंत आर्थिक बर्बादी, सामाजिक अपमान और जेल में होता है।