बीएसएनएल अधिकारी बनकर मोबाइल टावरों से केबल चोरी करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

नेपानगर पुलिस ने खुद को बीएसएनएल अधिकारी बताकर मोबाइल टावरों से केबल चोरी करने वाले दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब डेढ़ लाख रुपये मूल्य की चोरी की केबल बरामद की है। ग्रामीणों से मिली जानकारी और वीडियो के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई को अंजाम दिया।

May 19, 2026 - 14:23
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बीएसएनएल अधिकारी बनकर मोबाइल टावरों से केबल चोरी करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

UNITED NEWS OF ASIA. महेश किनगे l मध्यप्रदेश के नेपानगर क्षेत्र में मोबाइल टावरों से केबल चोरी की बढ़ती घटनाओं का खुलासा करते हुए पुलिस ने दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को बीएसएनएल का अधिकारी बताकर दिनदहाड़े मोबाइल टावरों से केबल चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लगभग डेढ़ लाख रुपये मूल्य की चोरी की केबल बरामद की है। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं पर रोक लगने की उम्मीद जताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार नेपानगर एवं आसपास के ग्रामीण इलाकों में पिछले कुछ समय से मोबाइल टावरों से केबल चोरी की घटनाएं लगातार सामने आ रही थीं। इन घटनाओं के कारण दूरसंचार सेवाएं प्रभावित हो रही थीं, जिससे स्थानीय लोगों को नेटवर्क संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए बीएसएनएल विभाग के अधिकारियों ने नेपानगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायत मिलने के बाद नेपानगर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को ग्रामीणों से महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ लोग खुद को बीएसएनएल कर्मचारी और अधिकारी बताकर टावरों पर पहुंचते थे और तकनीकी कार्य का बहाना बनाकर केबल निकालकर ले जाते थे। शुरुआत में लोगों को उन पर शक नहीं हुआ, क्योंकि आरोपी पूरी तैयारी और आत्मविश्वास के साथ वारदात को अंजाम देते थे।

पुलिस को कुछ ग्रामीणों द्वारा वीडियो फुटेज भी उपलब्ध कराए गए, जिनके आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई। इसके बाद पुलिस ने रणनीति बनाकर आरोपियों की तलाश शुरू की और दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने कई स्थानों पर चोरी की वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से बड़ी मात्रा में चोरी की केबल बरामद की, जिसकी कीमत करीब डेढ़ लाख रुपये बताई जा रही है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी दिनदहाड़े वारदात को अंजाम देते थे ताकि किसी को उन पर शक न हो। वे पहले टावरों के आसपास के क्षेत्र की जानकारी जुटाते थे और फिर अधिकारी बनकर वहां पहुंचते थे। इसके बाद केबल निकालकर वाहन में रखकर फरार हो जाते थे। आरोपियों की इस चालाकी के कारण कई दिनों तक वे पुलिस और स्थानीय लोगों की नजरों से बचते रहे।

नेपानगर थाना प्रभारी ज्ञानु जयसवाल ने बताया कि पुलिस को लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर कार्रवाई की गई है। ग्रामीणों के सहयोग और वीडियो फुटेज के कारण आरोपियों तक पहुंचना संभव हो पाया। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों का संबंध किसी बड़े गिरोह से तो नहीं है और उन्होंने अन्य क्षेत्रों में भी इस तरह की वारदातों को अंजाम दिया है या नहीं।

पुलिस की इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा है। वहीं बीएसएनएल विभाग ने भी पुलिस की तत्परता की सराहना की है।