विश्व पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप: प्रियांक मिश्रा ने कांस्य पदक जीतकर रचा इतिहास, एक ही टूर्नामेंट में दो अंतरराष्ट्रीय पदक

दक्षिण अफ्रीका में आयोजित विश्व एशिया-पेसिफिक अंतरराष्ट्रीय पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में बिलासपुर के प्रियांक मिश्रा ने 93 किलोग्राम भार वर्ग की क्लासिक स्पर्धा में कांस्य पदक जीत लिया। इससे पहले वे इक्विप्ड स्पर्धा में स्वर्ण पदक भी जीत चुके हैं। अपने पहले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में दो पदक जीतकर उन्होंने भारत और छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया है।

Jul 12, 2026 - 17:39
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विश्व पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप: प्रियांक मिश्रा ने कांस्य पदक जीतकर रचा इतिहास, एक ही टूर्नामेंट में दो अंतरराष्ट्रीय पदक

UNITED NEWS OF ASIA. दक्षिण अफ्रीका में 4 से 12 जुलाई 2026 तक आयोजित विश्व स्तरीय एशिया-पेसिफिक अंतरराष्ट्रीय महिला एवं पुरुष पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में छत्तीसगढ़ के बिलासपुर निवासी प्रियांक मिश्रा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के नाम एक और अंतरराष्ट्रीय पदक दर्ज कराया है। प्रियांक ने प्रतियोगिता के दूसरे चरण की क्लासिक (Unequipped) पावरलिफ्टिंग स्पर्धा के 93 किलोग्राम भार वर्ग में कुल 525 किलोग्राम वजन उठाकर कांस्य पदक अपने नाम किया।

इस उपलब्धि के साथ प्रियांक मिश्रा ने एक ही अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में दो अलग-अलग स्पर्धाओं में पदक जीतने का उल्लेखनीय रिकॉर्ड भी बनाया है। इससे पहले 7 जुलाई को आयोजित इक्विप्ड (Equipped) पावरलिफ्टिंग स्पर्धा में उन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर भारत और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया था। अब क्लासिक स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर उन्होंने अपने प्रदर्शन की निरंतरता साबित की है।

प्रियांक मिश्रा के लिए यह प्रतियोगिता कई मायनों में खास रही। यह उनके करियर की पहली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता थी और अपने पहले ही अंतरराष्ट्रीय अभियान में उन्होंने स्वर्ण और कांस्य, दोनों पदक जीतकर भारतीय पावरलिफ्टिंग में अपनी मजबूत पहचान बना ली है। उनकी इस सफलता को छत्तीसगढ़ के खेल जगत के लिए भी बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

अपनी सफलता के बाद प्रियांक मिश्रा ने इस उपलब्धि का श्रेय अपने निजी कोच आसिफ अली तथा भारतीय टीम के कोच कृष्णा साहू को दिया। उन्होंने कहा कि दोनों कोचों के मार्गदर्शन, कठिन प्रशिक्षण और निरंतर प्रेरणा ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने अभ्यास के दौरान सहयोग देने वाले साथी खिलाड़ियों का भी आभार व्यक्त किया।

प्रियांक ने पावरलिफ्टिंग इंडिया के अध्यक्ष सतीश कुमार कुदरीली और महासचिव पी. जे. जोसफ का भी धन्यवाद जताया। उनका कहना है कि भारतीय टीम में चयन और लगातार मिले विश्वास ने उन्हें बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। इसके अलावा उन्होंने छत्तीसगढ़ पावरलिफ्टिंग एसोसिएशन के मुख्य संरक्षक जी. सुरेश (बाबे), इंद्रजीत सिंह (छोटू), अध्यक्ष कैलाश जैन बरमेचा सहित सभी पदाधिकारियों के सहयोग और प्रोत्साहन के लिए भी आभार व्यक्त किया।

प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए आर्थिक सहयोग देने वाले बिलासपुर के सहयोगियों और छत्तीसगढ़ शासन के प्रति भी प्रियांक ने विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया। उनकी इस उपलब्धि से प्रदेश के खिलाड़ियों में उत्साह का माहौल है और युवा खिलाड़ियों को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिली है।

विश्व चैंपियनशिप के अंतिम दिन 12 जुलाई को छत्तीसगढ़ के एक अन्य खिलाड़ी अमान शुक्ला 120 किलोग्राम भार वर्ग की क्लासिक पावरलिफ्टिंग स्पर्धा में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करेंगे। खेल प्रेमियों और प्रदेशवासियों को उनसे भी पदक जीतकर भारत का गौरव बढ़ाने की उम्मीद है।