स्वास्थ्य और फार्मा क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की ओर बढ़ रहा भारत : बृजमोहन अग्रवाल
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने नई दिल्ली में संसद की रसायन एवं उर्वरक संबंधी स्थायी समिति की बैठक में भाग लेते हुए चिकित्सा उपकरण उद्योग, API में आत्मनिर्भरता और स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत स्वास्थ्य और फार्मा क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली l रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने संसद की रसायन एवं उर्वरक संबंधी स्थायी समिति की बैठक में भाग लेते हुए देश के स्वास्थ्य एवं फार्मा क्षेत्र को आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। नई दिल्ली में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में चिकित्सा उपकरण उद्योग को सशक्त बनाने, उच्च गुणवत्ता वाले विनिर्माण को बढ़ावा देने तथा एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स (API) के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता मजबूत करने जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक के दौरान बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था और आधुनिक चिकित्सा उद्योग का निर्माण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि केवल बेहतर इलाज उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है, बल्कि अनुसंधान एवं विकास (R&D), नवाचार, आधुनिक विनिर्माण क्षमता और मजबूत आपूर्ति श्रृंखला विकसित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
उन्होंने छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार पर विशेष जोर देते हुए कहा कि राज्य में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और मेडिकल डिवाइस निर्माण की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने समिति के समक्ष सुझाव रखा कि छत्तीसगढ़ में फार्मा हब विकसित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं तथा स्थानीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को चिकित्सा उपकरण निर्माण से जोड़ा जाए। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और प्रदेश की औद्योगिक क्षमता को भी मजबूती मिलेगी।
बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स (API) के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता देश की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए बेहद आवश्यक है। यदि भारत API उत्पादन में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनता है तो दवाइयों की लागत कम होगी, आयात पर निर्भरता घटेगी और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में आने वाले व्यवधानों का असर भी सीमित रहेगा। उन्होंने कहा कि समिति में इसी दिशा में नीतिगत सुधारों और नवाचार को बढ़ावा देने पर गंभीर चर्चा हुई।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज स्वास्थ्य और फार्मा क्षेत्र में तेजी से नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। सरकार का उद्देश्य केवल देश की स्वास्थ्य जरूरतों को पूरा करना नहीं, बल्कि भारत को विश्व के लिए भरोसेमंद स्वास्थ्य समाधान प्रदाता यानी "Pharmacy of the World" के रूप में स्थापित करना है। इसके लिए चिकित्सा उपकरण निर्माण, अनुसंधान, नवाचार और दवा उत्पादन के क्षेत्र में लगातार सुधार किए जा रहे हैं।
बैठक के अंत में बृजमोहन अग्रवाल ने विश्वास जताया कि स्थायी समिति की अनुशंसाएं आने वाले समय में देश के स्वास्थ्य एवं फार्मा क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि इन सुधारों का सीधा लाभ छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश के नागरिकों को मिलेगा। आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता और दवाइयों के किफायती उत्पादन से देश की स्वास्थ्य व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी तथा विकसित भारत के संकल्प को नई गति मिलेगी।