राष्ट्रीय सम्मेलन में छत्तीसगढ़ के मटेरियल बैंक मॉडल को मिली सराहना, डीलर दीदी पहल बनी देश के लिए मिसाल

नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन में छत्तीसगढ़ के मटेरियल बैंक मॉडल और डीलर दीदी पहल की केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सराहना की। सम्मेलन में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। मॉडल को महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण आवास निर्माण और आजीविका संवर्धन की दिशा में प्रभावी नवाचार बताया गया।

Jun 30, 2026 - 11:48
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राष्ट्रीय सम्मेलन में छत्तीसगढ़ के मटेरियल बैंक मॉडल को मिली सराहना, डीलर दीदी पहल बनी देश के लिए मिसाल

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली l नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन में छत्तीसगढ़ की अभिनव पहल मटेरियल बैंक मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत विकसित इस मॉडल की सराहना करते हुए इसे ग्रामीण आवास निर्माण को गति देने वाला प्रभावी नवाचार बताया। सम्मेलन में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने किया।

सम्मेलन में प्रस्तुत किए गए मटेरियल बैंक मॉडल की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसका संचालन स्व सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं द्वारा डीलर दीदी के रूप में किया जा रहा है। इस व्यवस्था के माध्यम से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राहियों को निर्माण सामग्री एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही है। इससे आवास निर्माण की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज, सरल और किफायती बनी है।

इस नवाचार का सकारात्मक प्रभाव महिलाओं की आर्थिक स्थिति पर भी देखने को मिला है। स्व सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और 10 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। सम्मेलन में इस मॉडल को महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण आजीविका संवर्धन और आवास निर्माण के सफल समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण बताया गया।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने ग्रामीण विकास के क्षेत्र में प्रभावी क्रियान्वयन और नवाचार का उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने राज्य में ग्रामीण युवाओं को कौशल विकास और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की। विशेष रूप से आरसेटी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के अंतर्गत संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों को उन्होंने अन्य राज्यों के लिए प्रेरणादायक बताया।

उन्होंने कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष में आरसेटी के माध्यम से छत्तीसगढ़ में देशभर में सर्वाधिक राजमिस्त्रियों को प्रशिक्षण दिया गया, जो ग्रामीण विकास और रोजगार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे प्रदेश के युवाओं को स्वरोजगार के अवसर मिलने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में कुशल श्रमिकों की उपलब्धता भी बढ़ी है।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सम्मेलन के दौरान कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण विकास, कौशल उन्नयन, स्वरोजगार और गरीब परिवारों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर मिली यह सराहना प्रदेश में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं, नवाचारों और उनके प्रभावी क्रियान्वयन की सफलता का प्रमाण है।

उन्होंने विश्वास जताया कि इस सम्मान और पहचान से प्रदेश को ग्रामीण विकास के क्षेत्र में और अधिक नवाचार करने की प्रेरणा मिलेगी। साथ ही राज्य सरकार भविष्य में भी ऐसी योजनाओं को प्राथमिकता देगी, जिनसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो, महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सके और प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सके।