निजी ड्राइवर बनाकर प्लेसमेंट कर्मचारियों से महीनों तक काम कराने का आरोप, विरोध करने पर नौकरी से निकाला

अम्बागढ़ चौकी नगर पंचायत के प्लेसमेंट कर्मचारियों ने सीएमओ के खिलाफ कलेक्टर से लिखित शिकायत की है। कर्मचारियों का आरोप है कि उनसे नगर पंचायत के नियमित कार्यों के बजाय निजी वाहन चलाने और घरेलू कार्य कराए गए। विरोध करने पर उन्हें काम से हटा दिया गया। इससे पहले भी व्यापारी और नगरवासी सीएमओ के खिलाफ मनमानी को लेकर शिकायत कर चुके हैं।

Aug 14, 2026 - 17:46
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निजी ड्राइवर बनाकर प्लेसमेंट कर्मचारियों से महीनों तक काम कराने का आरोप, विरोध करने पर नौकरी से निकाला

UNITED NEWS OF ASIA. जावेद शेख, मानपुर l मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिले की एकमात्र नगर पंचायत अम्बागढ़ चौकी में सीएमओ के खिलाफ नाराजगी बढ़ती जा रही है। हाल ही में नगरवासियों और व्यापारियों द्वारा नगर पंचायत सीएमओ के खिलाफ शिकायत किए जाने के बाद अब प्लेसमेंट कर्मचारियों ने भी कलेक्टर के समक्ष लिखित आवेदन प्रस्तुत कर कार्रवाई की मांग की है। कर्मचारियों ने सीएमओ पर पद का दुरुपयोग करने और उन्हें नगर पंचायत के कार्यों के बजाय निजी काम में लगाए जाने के आरोप लगाए हैं।

शिकायतकर्ताओं में प्लेसमेंट कर्मचारी वाहन चालक बहल निषाद और सुपरवाइजर सुनील कोमरे शामिल हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि उनसे कई महीनों तक नगर पंचायत के नियमित कार्यों के अलावा सीएमओ के निजी वाहन को चलाने तथा घरेलू कार्य कराए जाते रहे। कर्मचारियों के अनुसार निजी कार्यों में लगाए जाने के कारण उन्हें मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। आरोप है कि जब दोनों कर्मचारियों ने निजी कार्य करने का विरोध किया तो उन्हें नगर पंचायत में काम से हटा दिया गया।

कर्मचारियों ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि नगर पंचायत में प्लेसमेंट के माध्यम से नियुक्त कर्मचारियों से उनके निर्धारित दायित्वों के अतिरिक्त निजी कार्य कराया जाना अनुचित है। उनका कहना है कि उन्होंने अपनी परेशानी अधिकारियों के समक्ष रखने का प्रयास किया, लेकिन समस्या का समाधान होने के बजाय उन्हें ही काम से बाहर कर दिया गया। कर्मचारियों ने कलेक्टर से पूरे मामले की जांच कराकर जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ उचित कार्रवाई करने तथा उनके साथ न्याय करने की मांग की है।

इस मामले के सामने आने के बाद नगर पंचायत में सीएमओ की कार्यप्रणाली को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। इससे पहले भी नगर के व्यापारी और नागरिक नगर पंचायत सीएमओ के खिलाफ कथित मनमानी और कार्यप्रणाली को लेकर शिकायत कर चुके हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पंचायत में प्रशासनिक व्यवस्था और कर्मचारियों से संबंधित मामलों को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं, ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

प्लेसमेंट कर्मचारियों की शिकायत के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है। यदि शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच में पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारी की कार्यप्रणाली और कर्मचारियों से कराए गए कथित निजी कार्यों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की स्थिति बन सकती है। फिलहाल कर्मचारियों द्वारा लगाए गए आरोपों पर संबंधित नगर पंचायत अधिकारी का पक्ष सामने नहीं आया है। प्रशासनिक जांच के बाद ही शिकायत में लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।