महासमुंद में मतदाता सूची के मुद्दे पर कांग्रेस का प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट घेराव की कोशिश और ज्ञापन सौंपा
महासमुंद में मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी और कांग्रेस द्वारा उठाए जा रहे ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। द्वारिकाधीश यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने काले कपड़े और काले झंडे लेकर पैदल मार्च किया। प्रदर्शन के दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला जलाया गया और कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ रहे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोका। इसके बाद मौके पर सभा हुई और कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने ज्ञापन में मतदाता सूची और SIR प्रक्रिया की स्वतंत्र समीक्षा सहित कई मांगें रखीं।
UNITED NEWS OF ASIA. शिखा दास, महासमुंद l मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी और कांग्रेस द्वारा उठाए जा रहे ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को लेकर सोमवार को महासमुंद में कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने काले कपड़े पहनकर और काले झंडे लेकर पैदल मार्च किया तथा चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध दर्ज कराया। यह प्रदर्शन कांग्रेस द्वारा छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में आयोजित किए गए विरोध कार्यक्रमों का हिस्सा था। राज्य के कई जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर कार्यालयों की ओर मार्च किया और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध जताया।
महासमुंद में कार्यक्रम की शुरुआत नेहरू चौक स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ हुई। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूची से संबंधित मुद्दों को लेकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला भी जलाया गया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण और SIR से जुड़ी प्रक्रिया में ऐसे बदलाव किए जा रहे हैं, जिनसे मतदाताओं के नाम को लेकर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इन आरोपों को कांग्रेस ने अपने विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन में प्रमुखता से उठाया।
इसके बाद काले कपड़े पहने और हाथों में काले झंडे लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट कार्यालय की ओर पैदल मार्च किया। प्रशासन ने कलेक्ट्रेट से पहले बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। बैरिकेड्स के पास ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं की सभा हुई। यहां जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं खल्लारी विधायक द्वारिकाधीश यादव सहित पार्टी के अन्य नेताओं ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।
द्वारिकाधीश यादव ने अपने संबोधन में मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी को लेकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर राजनीतिक आरोप लगाते हुए उन्हें इसके लिए जिम्मेदार बताया और उनके इस्तीफे की मांग की। ये आरोप कांग्रेस नेताओं के राजनीतिक दावे हैं; इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं हुई है। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई।
सभा को पूर्व राज्यमंत्री राजा देवेंद्र बहादुर, सरायपाली विधायक चातुरी नंद, पूर्व जिलाध्यक्ष रश्मि चंद्राकर, पूर्व संसदीय सचिव विनोद चंद्राकर, जिला प्रभारी महामंत्री लक्ष्मण पटेल और शहर कांग्रेस अध्यक्ष गुरमीत चावला सहित अन्य नेताओं ने संबोधित किया। नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची से जुड़े किसी भी बदलाव में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने इसके बाद मौके पर पहुंचे डिप्टी कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग रखी। इसके अलावा कांग्रेस ने पिछले महीनों में मतदाता सूचियों में हुए नामों के कथित विलोपन और जोड़ने की प्रक्रिया तथा चुनावी आईटी प्रणाली से संबंधित फैसलों की स्वतंत्र समीक्षा कराने की मांग की। पार्टी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग भी रखी।
यह प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ है जब SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे को लेकर कांग्रेस देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन कर रही है। 28 सितंबर 2026 को छत्तीसगढ़ में भी कांग्रेस ने विभिन्न जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किए और कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर कार्यालयों की ओर मार्च किया। कुछ स्थानों पर पुलिस बैरिकेडिंग के कारण प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी।
वहीं, चुनाव आयोग की आधिकारिक मतदाता सेवा वेबसाइट पर वर्तमान में Special Intensive Revision (SIR) – 2026 से संबंधित सेवाएं उपलब्ध हैं। पोर्टल पर मतदाता अपने पिछले SIR में नाम की जानकारी खोज सकते हैं और निर्धारित प्रक्रिया के तहत दस्तावेज जमा करने की सुविधा भी उपलब्ध है। नए मतदाताओं के लिए Form-6 के माध्यम से पंजीकरण की सुविधा दी गई है।
चुनाव आयोग के अनुसार, Form-6 नए मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए इस्तेमाल किया जाता है, जबकि मतदाता सूची में नाम हटाने या आपत्ति के लिए Form-7 तथा मौजूदा प्रविष्टि में सुधार, पता बदलने या EPIC से संबंधित मामलों के लिए Form-8 का इस्तेमाल किया जाता है।
महासमुंद में हुए प्रदर्शन में कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल रहे। इनमें द्वारिकाधीश यादव, राजा देवेंद्र बहादुर, चातुरी नंद, रश्मि चंद्राकर, विनोद चंद्राकर, लक्ष्मण पटेल, गुरमीत चावला, निखिलकांत साहू, संजय शर्मा सहित अन्य स्थानीय पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल थे। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर उसका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
इस पूरे घटनाक्रम में कांग्रेस की ओर से मतदाता सूची और SIR को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जबकि चुनाव आयोग की आधिकारिक व्यवस्था मतदाता पंजीकरण, नाम की जांच और संबंधित दावों-आपत्तियों के लिए निर्धारित प्रक्रियाएं उपलब्ध कराती है। ऐसे में मतदाताओं के लिए अपने नाम की स्थिति जांचना और जरूरत होने पर निर्धारित चुनावी फॉर्म एवं प्रक्रिया के माध्यम से आवेदन या आपत्ति दर्ज करना महत्वपूर्ण है।