सेवा की कहानी: सहायक उपकरणों से दिव्यांगजनों को मिला संबल, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ा कदम

रायपुर में लोक अदालत के अवसर पर समाज कल्याण विभाग की ओर से दिव्यांग हितग्राहियों को उनकी जरूरत के अनुसार 10 सहायक उपकरण वितरित किए गए। इनमें 6 श्रवण यंत्र, 2 ट्राइसाइकिल और 2 छड़ियां शामिल हैं। उपकरणों के माध्यम से दिव्यांगजनों की दैनिक गतिविधियों, आवागमन और सामाजिक सहभागिता को आसान बनाने का प्रयास किया गया।

Sep 22, 2026 - 13:26
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सेवा की कहानी: सहायक उपकरणों से दिव्यांगजनों को मिला संबल, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ा कदम

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l सेवा संकल्प के तहत जरूरतमंद लोगों तक शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए समाज कल्याण विभाग द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में लोक अदालत के अवसर पर समाज कल्याण विभाग, जिला रायपुर की ओर से संविलित कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना के अंतर्गत दिव्यांग हितग्राहियों को उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप सहायक उपकरण प्रदान किए गए। इस पहल का उद्देश्य दिव्यांगजनों के दैनिक जीवन को सुविधाजनक बनाने के साथ उनकी गतिशीलता, सामाजिक सहभागिता और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है।

कार्यक्रम के दौरान कुल 10 सहायक उपकरणों का वितरण किया गया। इनमें 6 श्रवण यंत्र, 2 ट्राइसाइकिल और 2 छड़ियां शामिल हैं। जरूरत के अनुसार उपलब्ध कराए गए इन उपकरणों से हितग्राहियों को रोजमर्रा के कार्यों में सुविधा मिलने की उम्मीद है। साथ ही आवागमन को आसान बनाने और सामाजिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी बढ़ाने में भी ये उपकरण उपयोगी साबित हो सकते हैं। सहायक उपकरणों का उद्देश्य केवल सुविधा उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि दिव्यांगजनों को अधिक आत्मनिर्भर तरीके से अपने दैनिक जीवन की गतिविधियां संचालित करने में सहयोग देना भी है।

कार्यक्रम में जिला न्यायाधीश बलराम प्रसाद वर्मा ने हितग्राहियों को सहायक उपकरण प्रदान किए। इस अवसर पर दिव्यांगजनों तक शासन की योजनाओं और कल्याणकारी सुविधाओं का लाभ प्रभावी तरीके से पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचे, इसके लिए संबंधित विभागों और संस्थाओं के बीच समन्वय को भी महत्वपूर्ण माना गया।

समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक सशक्तिकरण के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को उनकी जरूरत और परिस्थितियों के अनुसार सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है। सहायक उपकरण वितरण भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसके जरिए दिव्यांगजनों की व्यक्तिगत जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उन्हें दैनिक जीवन में उपयोगी संसाधन उपलब्ध कराए जाते हैं।

श्रवण यंत्र मिलने से सुनने में कठिनाई का सामना करने वाले हितग्राहियों को संवाद और आसपास की गतिविधियों को समझने में सहायता मिल सकती है। वहीं ट्राइसाइकिल और छड़ियां आवागमन में सहयोग देने वाले महत्वपूर्ण उपकरण हैं। इन साधनों की उपलब्धता से हितग्राही अपने दैनिक कार्यों को अधिक सहजता से करने और सामाजिक गतिविधियों में भाग लेने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।

सेवा संकल्प के तहत की जा रही इस तरह की पहल शासन की योजनाओं को जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। समाज कल्याण विभाग का प्रयास है कि पात्र दिव्यांग हितग्राहियों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप सहायता और योजनाओं का लाभ समय पर मिले। सहायक उपकरणों का वितरण इसी सेवा भावना की एक महत्वपूर्ण कड़ी है, जो सुविधा के साथ दिव्यांगजनों को सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन की दिशा में आगे बढ़ने में सहयोग प्रदान कर रही है।