कोंडागांव में दीपावली पर खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच, 6 खाद्य नमूने लिए; 15 किलो खराब सामग्री नष्ट

दीपावली पर्व के मद्देनजर कोंडागांव जिले में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। केशकाल में बेसन, मैदा, अंजीर कतली, पनीर और खोवा सहित 6 खाद्य नमूने संकलित किए गए। वहीं, मानव उपभोग के अयोग्य पाई गई 15 किलोग्राम खाद्य सामग्री को नियमानुसार नष्ट कराया गया। अधिकारियों ने प्रतिष्ठान संचालकों को साफ-सफाई और खाद्य गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए।

Nov 7, 2026 - 16:59
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कोंडागांव में दीपावली पर खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच, 6 खाद्य नमूने लिए; 15 किलो खराब सामग्री नष्ट

UNITED NEWS OF ASIA. रामकुमार भारद्वाज, कोंडागांव। दीपावली पर्व के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कोंडागांव जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान खाद्य पदार्थों के कुल 6 नमूने संकलित किए गए, जबकि खराब और मानव उपभोग के अयोग्य पाई गई 15 किलोग्राम खाद्य सामग्री को मौके पर ही नियमानुसार नष्ट कराया गया।

यह कार्रवाई नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन छत्तीसगढ़ दीपक अग्रवाल के आदेशानुसार, जिला कलेक्टर के निर्देशन और अभिहित अधिकारी के नेतृत्व में की गई। त्योहार के दौरान मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने को देखते हुए विभाग की टीम ने प्रतिष्ठानों में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, स्वच्छता और रखरखाव की जांच की।

केशकाल में 6 खाद्य नमूने संकलित

निरीक्षण के दौरान केशकाल के विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों से कुल 6 खाद्य नमूने लिए गए। इनमें बेसन, मैदा, अंजीर कतली, पनीर और खोवा शामिल हैं। इन नमूनों को जांच के लिए संकलित किया गया है, ताकि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुरूप होने की जांच की जा सके।

त्योहारों के दौरान मिठाई, नमकीन और अन्य खाद्य सामग्रियों की बिक्री बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य पदार्थों की शुद्धता और गुणवत्ता पर निगरानी रखना उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।

15 किलो खराब खाद्य सामग्री कराई गई नष्ट

जांच के दौरान कुछ प्रतिष्ठानों में खाद्य सामग्री खराब और मानव उपभोग के अयोग्य पाई गई। इसके बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने नियमानुसार कुल 15 किलोग्राम सामग्री नष्ट कराई। इसमें सूजी, सौंफ, कोकोनट चूरा और मोतीचूर के लड्डू शामिल थे।

विभाग की टीम ने स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं को खराब या गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरने वाली खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना स्वीकार्य नहीं है। निरीक्षण के दौरान ऐसी सामग्री को बिक्री और उपभोग से हटाने की कार्रवाई की गई।

प्रतिष्ठान संचालकों को दिए गए निर्देश

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने खाद्य प्रतिष्ठानों के संचालकों को परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने, खाद्य सामग्री को स्वच्छ वातावरण में तैयार करने और सुरक्षित तरीके से संग्रहित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उपभोक्ताओं को गुणवत्तायुक्त और निर्धारित मानकों के अनुरूप खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।

अधिकारियों ने बताया कि खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिले में इस प्रकार की जांच और कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। त्योहार के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता न हो, इसके लिए विभाग की टीम निगरानी रखेगी।