GPM News: गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में कलेक्टर की बड़ी कार्रवाई, तीन पटवारी निलंबित; ड्यूटी से नदारद रहने और लापरवाही पर गिरी गाज
छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में प्रशासनिक कसावट लाने के लिए कलेक्टर विजय दयाराम के. ने बड़ी कार्रवाई की है। शासकीय कार्यों में लापरवाही, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना और बिना अनुमति मुख्यालय से अनुपस्थित रहने के आरोप में तीन पटवारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई से राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है।
UNITED NEWS OF ASIA. आवास कैवर्त, मरवाही। छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने और शासकीय कार्यों में अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर विजय दयाराम के. ने बड़ी कार्रवाई की है। शासकीय कार्यों में लापरवाही बरतने, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना करने और बिना अनुमति ड्यूटी से लगातार अनुपस्थित रहने के आरोप में तीन पटवारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
कलेक्टर की इस कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है। इसे प्रशासनिक कार्यप्रणाली में कसावट लाने और कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
तीन पटवारियों पर हुई कार्रवाई
प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, निलंबित किए गए कर्मचारियों में पेंड्रा तहसील में पदस्थ पटवारी जोगी रवि कुजूर शामिल हैं। वहीं मरवाही तहसील अंतर्गत पदस्थ पटवारी कमलेश तंवर को भी निलंबित किया गया है।
इसके अलावा तहसील मरवाही में संलग्न पटवारी प्रभात कुमार खरे पर भी निलंबन की कार्रवाई की गई है। तीनों के खिलाफ शासकीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही और निर्धारित प्रशासनिक नियमों का पालन नहीं करने से संबंधित आरोप सामने आए हैं।
नोटिस के बाद भी नहीं मिला संतोषजनक जवाब
बताया गया है कि संबंधित पटवारियों को वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा समय-समय पर निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद निर्देशों का पालन नहीं करने और शासकीय कार्यों में लापरवाही बरतने की शिकायतें सामने आईं।
मामले में बार-बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद संबंधित कर्मचारियों की ओर से संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके साथ ही निर्धारित मुख्यालय और कार्यालय से बिना अनुमति अनुपस्थित रहने के आरोप भी कार्रवाई का आधार बने।
सिविल सेवा नियमों के तहत निलंबन
प्रशासन ने संबंधित पटवारियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के तहत कार्रवाई की है। निलंबन आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किए गए हैं।
प्रशासनिक व्यवस्था में अनुशासन पर जोर
कलेक्टर विजय दयाराम के. की इस कार्रवाई को जिले में प्रशासनिक कसावट लाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। इससे स्पष्ट संदेश गया है कि शासकीय जिम्मेदारियों के निर्वहन में लापरवाही, वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना और बिना अनुमति अनुपस्थिति को गंभीरता से लिया जाएगा।
इस कार्रवाई से राजस्व विभाग के कर्मचारियों में भी सतर्कता बढ़ने की उम्मीद है। प्रशासन का उद्देश्य सरकारी योजनाओं और राजस्व संबंधी कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कराना तथा आम नागरिकों को बेहतर शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराना है।