US Stock Market Crash: AI रेगुलेशन के डर से अमेरिकी शेयर बाजार में भारी गिरावट, निवेशकों के 270 लाख करोड़ रुपये डूबे, भारतीय बाजार पर भी असर की आशंका
अमेरिकी शेयर बाजार में AI सेक्टर पर संभावित सख्त नियमों की आशंका के चलते भारी बिकवाली देखने को मिली। गुरुवार को वॉल स्ट्रीट में पिछले 19 महीनों की सबसे बड़ी दैनिक गिरावट दर्ज की गई। इस दौरान निवेशकों की करीब 2.9 ट्रिलियन डॉलर यानी लगभग 270 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति स्वाहा हो गई। Nasdaq, S&P 500 और Dow Jones में बड़ी गिरावट आई। Nvidia और Micron जैसी टेक कंपनियों के शेयर भी बुरी तरह टूटे। अमेरिकी बाजार की कमजोरी का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। अमेरिकी शेयर बाजार में गुरुवार को भारी बिकवाली देखने को मिली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर पर संभावित सख्त नियमों की आशंका ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी, जिसके चलते वॉल स्ट्रीट में जोरदार गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट में निवेशकों की करीब 2.9 ट्रिलियन डॉलर यानी लगभग 270 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति स्वाहा हो गई। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी बाजार के लिए यह पिछले 19 महीनों की सबसे बड़ी दैनिक गिरावट रही। टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला।
S&P 500, Nasdaq और Dow Jones में भारी गिरावट
गुरुवार के कारोबारी सत्र में अमेरिकी बाजार के प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। S&P 500 इंडेक्स में 3.77 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और यह करीब 290 अंक टूट गया। वहीं Dow Jones में 3 फीसदी यानी 1,600 अंकों से अधिक की गिरावट देखने को मिली।
टेक्नोलॉजी कंपनियों का प्रमुख इंडेक्स Nasdaq Composite 5.52 फीसदी गिरकर 24,315 अंक पर बंद हुआ। यह अपने 6 अक्टूबर के रिकॉर्ड हाई क्लोजिंग स्तर से 10 फीसदी से अधिक नीचे आ गया। इस गिरावट के चलते Nasdaq में टेक्निकल करेक्शन की स्थिति बन गई।
Nvidia और Micron के शेयरों में बड़ी गिरावट
AI सेक्टर से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में निवेशकों ने जमकर बिकवाली की। दुनिया की प्रमुख चिप निर्माता कंपनी Nvidia के शेयर करीब 9 फीसदी तक टूट गए। वहीं Micron Technology के शेयरों में लगभग 17 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गई।
इसके अलावा Meta के शेयर करीब 4 फीसदी और Amazon तथा Alphabet के शेयर लगभग 2.2 फीसदी गिर गए। टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों में आई इस गिरावट ने अमेरिकी बाजार की चिंता और बढ़ा दी।
AI रेगुलेशन की आशंका से क्यों घबराए निवेशक?
बाजार में गिरावट की प्रमुख वजह AI सेक्टर पर संभावित सरकारी नियंत्रण और सख्त नियमों की आशंका बताई जा रही है। अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत के बाद निवेशकों को चिंता है कि AI डेटा सेंटर और इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर नए प्रतिबंध या नियामकीय सख्ती लागू हो सकती है।
ऐसी स्थिति में AI कंपनियों के भविष्य के कारोबार, कमाई और अरबों डॉलर के निवेश पर असर पड़ने की आशंका है। इसी अनिश्चितता के कारण निवेशकों ने टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर शेयरों से दूरी बनानी शुरू कर दी।
भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ सकता है असर
अमेरिकी बाजार में आई इस बड़ी गिरावट का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिल सकता है। Gift Nifty करीब 127 अंकों की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था, जो घरेलू बाजार की कमजोर शुरुआत का संकेत दे रहा था।
हालांकि विशेषज्ञों के अनुसार, भारतीय बाजार में AI सेक्टर का सीधा एक्सपोजर अमेरिकी बाजार की तुलना में कम होने के कारण इसका प्रभाव अपेक्षाकृत सीमित रह सकता है।
लगातार छह कारोबारी सत्रों की तेजी के बाद अब निवेशकों की नजर Sensex और Nifty की चाल पर रहेगी। वैश्विक बाजारों से मिलने वाले संकेत, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और टेक्नोलॉजी शेयरों का प्रदर्शन घरेलू बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
फिलहाल अमेरिकी बाजार की गिरावट ने वैश्विक निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। अब देखना होगा कि भारतीय शेयर बाजार इस अंतरराष्ट्रीय दबाव का सामना कैसे करता है।