पुलिस आरक्षक उज्जवल दीवान ने गृह मंत्री विजय शर्मा को दी खुली बहस की चुनौती, बोले– समय और जगह बताइए, हम तैयार हैं

छत्तीसगढ़ में खुली बहस को लेकर सियासी चर्चा तेज हो गई है। पुलिस आरक्षक और आम आदमी पार्टी के संगठन विस्तारक उज्जवल दीवान ने गृह मंत्री विजय शर्मा को प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों पर आमने-सामने चर्चा करने की चुनौती दी है। दीवान ने कहा कि पुलिस कर्मचारियों की समस्याओं, कानून-व्यवस्था, नक्सलवाद, युवाओं के रोजगार, किसानों के मुद्दों और प्रदेश के विकास पर जनता के सामने खुली बहस होनी चाहिए। उन्होंने गृह मंत्री से समय और स्थान तय करने की अपील करते हुए कहा कि वे बताए गए स्थान पर चर्चा के लिए तैयार हैं।

Nov 7, 2026 - 12:14
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पुलिस आरक्षक उज्जवल दीवान ने गृह मंत्री विजय शर्मा को दी खुली बहस की चुनौती, बोले– समय और जगह बताइए, हम तैयार हैं

UNITED NEWS OF ASIA. रायपुर। छत्तीसगढ़ की सियासत में खुली बहस को लेकर एक नई चर्चा शुरू हो गई है। पुलिस आरक्षक एवं आम आदमी पार्टी के संगठन विस्तारक उज्जवल दीवान ने प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा को छत्तीसगढ़ के ज्वलंत मुद्दों पर आमने-सामने बैठकर चर्चा करने की चुनौती दी है। दीवान ने कहा कि प्रदेश की जनता कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब चाहती है और इन मुद्दों पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए।

उज्जवल दीवान ने गृह मंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में पुलिस कर्मचारियों के अधिकारों और उनकी समस्याओं से लेकर कानून-व्यवस्था, नक्सलवाद, युवाओं के रोजगार, किसानों की स्थिति और विकास जैसे विषयों पर सार्वजनिक बहस जरूरी है। उनका कहना है कि इन मुद्दों का सीधा संबंध प्रदेश की जनता से है, इसलिए इन पर जवाबदेही भी जनता के सामने होनी चाहिए।

गृह मंत्री से कहा– समय और स्थान आप तय कीजिए

उज्जवल दीवान ने गृह मंत्री विजय शर्मा को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि वे जिस स्थान और समय का निर्धारण करेंगे, वे वहां आमने-सामने चर्चा के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अन्य लोगों को मुद्दों पर बहस करने की चुनौती दे रहे हैं, ऐसे में एक बार उनके साथ भी छत्तीसगढ़ के ज्वलंत विषयों पर चर्चा कर लेनी चाहिए।

दीवान ने कहा, "गृह मंत्री विजय शर्मा जी! आप स्थान और समय तय कर दीजिए। हम आपके बताए हुए स्थान और समय पर आमने-सामने बैठकर खुली चर्चा करने के लिए तैयार हैं। चर्चा किसी बंद कमरे में नहीं, बल्कि जनता के सामने होनी चाहिए, ताकि प्रदेश के लोग भी सवाल सुन सकें और जवाब जान सकें।"

उन्होंने यह भी कहा कि यह बहस किसी व्यक्तिगत लड़ाई या राजनीतिक कटाक्ष का विषय नहीं है। इसका उद्देश्य प्रदेश के भविष्य और जनता से जुड़े सवालों पर चर्चा करना है।

पुलिस कर्मचारियों के अधिकारों और समस्याओं पर उठाए सवाल

उज्जवल दीवान ने कहा कि पुलिस कर्मचारी प्रदेश की कानून-व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनके अधिकारों, कार्य परिस्थितियों और समस्याओं पर भी गंभीरता से चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने पुलिस कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को प्रदेश की बहस का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने की बात कही।

इसके साथ ही उन्होंने कानून-व्यवस्था, नक्सलवाद, युवाओं के रोजगार, किसानों की समस्याओं और विकास से जुड़े विषयों पर भी तथ्यात्मक चर्चा करने की इच्छा जताई। उनका कहना है कि इन मुद्दों पर अलग-अलग पक्षों की बात जनता के सामने आनी चाहिए, जिससे लोगों को वास्तविक स्थिति समझने का अवसर मिले।

लोकतंत्र में सार्वजनिक बहस को बताया जरूरी

दीवान के मुताबिक, लोकतंत्र में सत्ता में बैठे जनप्रतिनिधियों और जनता की आवाज उठाने वालों के बीच मुद्दों पर खुली चर्चा स्वस्थ परंपरा है। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े सवालों पर जवाब मांगना किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ लड़ाई नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि वे पुलिस कर्मचारियों की समस्याओं और अधिकारों सहित प्रदेश के तमाम ज्वलंत मुद्दों को तथ्यों के साथ उठाना चाहते हैं। उनकी अपील है कि चर्चा सार्वजनिक मंच पर हो, ताकि प्रदेश के नागरिक भी पूरी बातचीत को सुन सकें।

अब गृह मंत्री के जवाब का इंतजार

उज्जवल दीवान की चुनौती के बाद अब राजनीतिक और सामाजिक हलकों में गृह मंत्री विजय शर्मा के जवाब को लेकर चर्चा है। देखना होगा कि गृह मंत्री इस खुली बहस के प्रस्ताव पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और क्या इसके लिए तारीख, समय तथा स्थान तय किया जाता है।

दीवान ने अपना संदेश दोहराते हुए कहा कि सवाल जनता के हैं, मुद्दे छत्तीसगढ़ के हैं और चर्चा भी जनता के सामने होनी चाहिए। उन्होंने गृह मंत्री से समय और स्थान बताने की अपील की है और कहा है कि वे चर्चा के लिए तैयार हैं।