iPhone Keyboard की सीक्रेट लिस्ट में एक लाख शब्द! नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी के नाम स्वाइप टाइपिंग से बाहर
Apple के iPhone कीबोर्ड में करीब एक लाख शब्दों की ऐसी सूची सामने आई है, जिन्हें स्वाइप टाइपिंग के दौरान सुझाव के रूप में नहीं दिखाया जाता। शोधकर्ता डेरेक कॉफमैन के खुलासे के मुताबिक, इस सूची में अश्लील और आपत्तिजनक शब्दों के साथ राजनीतिक रूप से संवेदनशील शब्द और वाक्यांश भी शामिल हैं। हैरानी की बात यह है कि हिंदी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नाम भी स्वाइप टाइपिंग के सुझावों से बाहर बताए गए हैं। इस खुलासे के बाद Apple की कीबोर्ड प्रणाली, सेंसरशिप और डिजिटल संवाद में पारदर्शिता को लेकर बहस शुरू हो गई है।
UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी Apple के iPhone कीबोर्ड को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आईफोन के कीबोर्ड में करीब एक लाख शब्दों की ऐसी अघोषित सूची मौजूद है, जिन्हें स्वाइप टाइपिंग के दौरान सुझाव के रूप में नहीं दिखाया जाता। इस सूची में अश्लील और आपत्तिजनक शब्दों के अलावा राजनीतिक रूप से संवेदनशील शब्द और वाक्यांश भी शामिल बताए जा रहे हैं।
इस खुलासे में सबसे ज्यादा चर्चा हिंदी भाषा से जुड़े दो नामों को लेकर हो रही है। रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नाम भी स्वाइप टाइपिंग के दौरान सुझावों में दिखाई नहीं देते। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि उपयोगकर्ता इन नामों को लिख नहीं सकते। इन्हें सामान्य तरीके से टाइप करके मैसेज, ईमेल और अन्य संदेश भेजे जा सकते हैं।
शोधकर्ता ने कैसे खोजी यह सूची?
इस सूची का पता लगाने वाले शोधकर्ता डेरेक कॉफमैन ने इसे सेंसरशिप का एक अप्रत्यक्ष तरीका बताया है। उनके अनुसार, किसी बड़ी टेक कंपनी के सॉफ्टवेयर में किया गया छोटा बदलाव भी करोड़ों उपयोगकर्ताओं के डिजिटल संवाद को प्रभावित कर सकता है।
कॉफमैन ने सितंबर में आईफोन की स्वाइप टाइपिंग सुविधा का परीक्षण करते समय इस गड़बड़ी को नोटिस किया। उन्होंने पाया कि कुछ सामान्य शब्दों और वाक्यांशों को टाइप करने में कीबोर्ड अलग-अलग व्यवहार करता है। इसके बाद उन्होंने ओपनएआई के कोडेक्स और एंथ्रोपिक के क्लाउड कोड की मदद से iOS सिस्टम की जांच की। इसी दौरान ऑपरेटिंग सिस्टम में मौजूद शब्दों की इस सूची का पता चला।
उनके अनुमान के मुताबिक, चीनी अक्षरों को छोड़कर इस सूची में करीब एक लाख प्रविष्टियां हैं।
कई राजनीतिक शब्द भी सुझावों से बाहर
रिपोर्ट के अनुसार, इस सूची में अमेरिकी राजनीति से जुड़े कुछ शब्द और वाक्यांश भी शामिल हैं। इनमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए इस्तेमाल होने वाला 'डिक्टेटर ट्रंप' और पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के लिए 'स्लीपी जो' जैसे शब्द शामिल बताए गए हैं। इसके अलावा 'राइट विंग कॉन्सपिरेसी', 'तिब्बतन इंडिपेंडेंस' और 'यूनाइटेड आयरलैंड' जैसे वाक्यांश भी स्वाइप टाइपिंग के सुझावों में उपलब्ध नहीं बताए गए हैं।
एक जैसे शब्दों पर अलग-अलग व्यवहार
कॉफमैन के मुताबिक, इस सूची में कई असंगतियां भी हैं। कुछ शब्दों के साथ मिलते-जुलते दूसरे शब्द कीबोर्ड पर आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं, जबकि कुछ शब्दों पर सुझाव नहीं मिलते। उदाहरण के तौर पर, अंग्रेजी में कुछ आपत्तिजनक वाक्यांशों के अलग-अलग संयोजनों पर कीबोर्ड का व्यवहार अलग पाया गया।
पहले भी विवादों में रही है Apple की टाइपिंग सुविधा
आईफोन की प्रेडिक्टिव टेक्स्ट सुविधा को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल 'रेसिस्ट' शब्द को बोलकर टाइप करने के दौरान कुछ समय के लिए स्क्रीन पर 'ट्रंप' दिखाई देने का मामला सामने आया था। Apple ने इसे तकनीकी गलती बताया था।
इस नए खुलासे के बाद सवाल उठ रहे हैं कि आखिर कीबोर्ड में शब्दों को सुझाव से बाहर रखने का आधार क्या है और क्या कंपनियों को इसकी जानकारी उपयोगकर्ताओं के साथ साझा करनी चाहिए? फिलहाल इस मामले ने टेक्नोलॉजी की दुनिया में डिजिटल पारदर्शिता और सेंसरशिप को लेकर नई बहस छेड़ दी है।