Sonia Gandhi का मोदी सरकार पर निशाना: बोलीं- 12 साल में लोकतंत्र और संस्थाओं को हुआ नुकसान, BJP-RSS से गठबंधन पर भी रखी बात

कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि पिछले 12 वर्षों में देश के लोकतंत्र, संवैधानिक संस्थाओं और सामाजिक ताने-बाने को भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि अब आम लोगों को भी इस नुकसान का एहसास होने लगा है और वे मौजूदा परिस्थितियों को लेकर बेचैन हैं। द हिंदू को दिए एक विशेष इंटरव्यू में सोनिया गांधी ने कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति, चुनाव आयोग, मीडिया और विपक्ष को मिलने वाले अवसरों पर अपनी राय रखी। उन्होंने भाजपा और आरएसएस के साथ गठबंधन को लेकर भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस ने कभी इन संगठनों के साथ समझौता नहीं किया है और भविष्य में भी ऐसा नहीं करेगी।

Nov 7, 2026 - 11:23
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Sonia Gandhi का मोदी सरकार पर निशाना: बोलीं- 12 साल में लोकतंत्र और संस्थाओं को हुआ नुकसान, BJP-RSS से गठबंधन पर भी रखी बात

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए देश के लोकतांत्रिक ढांचे और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर चिंता जताई है। द हिंदू को दिए एक विशेष इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश के लोकतंत्र, संस्थाओं और सामाजिक ताने-बाने को काफी नुकसान पहुंचा है। अब आम लोगों को भी इस नुकसान का एहसास होने लगा है और वे मौजूदा हालात को लेकर बेचैन दिखाई दे रहे हैं।

सोनिया गांधी इन दिनों अपनी आगामी आत्मकथा 'Belonging: A Journey of Love' को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में उन्होंने इंस्टाग्राम पर भी अपना डेब्यू किया था और अपनी किताब की पहली झलक साझा की थी। इसी किताब के संदर्भ में द हिंदू के एन. राम को दिए इंटरव्यू में उन्होंने देश की राजनीति, कांग्रेस की स्थिति और भविष्य की चुनौतियों पर खुलकर अपनी बात रखी।

सरकार बदलने के बाद भी संस्थाओं को मजबूत करने में लगेगा समय

सोनिया गांधी ने कहा कि मौजूदा सरकार के जाने के बाद भी देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और संस्थाओं को दोबारा मजबूत बनाने में समय लगेगा। इसके लिए सभी राजनीतिक दलों को सामूहिक प्रयास करने होंगे। हालांकि, उन्होंने देश के भविष्य को लेकर आशावाद जताया। उनका कहना है कि लोगों को बेहतर शासन व्यवस्था की वापसी का इंतजार है और वे इसका स्वागत करेंगे।

चुनाव आयोग और मीडिया को लेकर उठाए सवाल

कांग्रेस की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर बात करते हुए सोनिया गांधी ने कहा कि केंद्र में भाजपा सरकार आने के बाद से विपक्षी दलों को चुनाव लड़ने के लिए समान अवसर नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का विभिन्न संस्थाओं, विशेषकर चुनाव आयोग पर प्रभाव है। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यधारा के मीडिया, धनबल और धर्म के राजनीतिक इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों के बावजूद कांग्रेस लगातार संघर्ष कर रही है। पार्टी के नेता और कार्यकर्ता गांवों से लेकर जिला स्तर तक संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए काम कर रहे हैं। सोनिया गांधी ने हाल के महीनों में चुनावी गड़बड़ियों और चुनाव चोरी के आरोपों का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, इन मुद्दों के कारण लोग पहले से अधिक जागरूक हुए हैं।

BJP और RSS के साथ गठबंधन पर क्या बोलीं सोनिया गांधी?

राजनीतिक गठबंधनों को लेकर सोनिया गांधी ने कहा कि राजनीति में कई बार अलग-अलग विचारधारा वाले दलों के साथ भी समझौता करना पड़ता है। हालांकि, ऐसे फैसले उनके लिए कभी सहज नहीं रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस ने भाजपा और आरएसएस के साथ कभी समझौता नहीं किया है और भविष्य में भी ऐसा नहीं करेगी।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस की विचारधारा और भाजपा-आरएसएस की विचारधारा में बुनियादी अंतर है। धर्मनिरपेक्षता के मुद्दे पर पार्टी की आधिकारिक सोच स्पष्ट है। कुछ नेताओं की व्यक्तिगत राय को कांग्रेस की आधिकारिक विचारधारा नहीं माना जाना चाहिए।

कांग्रेस के भविष्य को लेकर जताया भरोसा

सोनिया गांधी ने कांग्रेस की मौजूदा स्थिति को लेकर निराशा जाहिर करने के बजाय पार्टी के संघर्ष और संभावनाओं पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस समान विचारधारा वाले विपक्षी दलों के साथ मिलकर काम कर रही है और पार्टी की संभावनाओं में सुधार हो रहा है।

सोनिया गांधी का यह इंटरव्यू ऐसे समय सामने आया है, जब उनकी आत्मकथा 'Belonging: A Journey of Love' चर्चा में है। इस इंटरव्यू में उन्होंने राजनीतिक मुद्दों के साथ अपने व्यक्तिगत जीवन और भारत से जुड़ाव पर भी विचार साझा किए हैं।