छिंदवाड़ा में संत आशाराम बापू के स्वास्थ्य उपचार की मांग को लेकर रैली, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

छिंदवाड़ा में श्री योग वेदांत सेवा समिति के नेतृत्व में विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों ने संत आशाराम बापू को उचित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग को लेकर रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य न्यायाधीश, राजस्थान के मुख्यमंत्री और जोधपुर केंद्रीय जेल अधीक्षक के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। समिति ने जेल प्रशासन पर स्वास्थ्य सुविधाओं और मानवीय व्यवहार को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।

Nov 5, 2026 - 19:38
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छिंदवाड़ा में संत आशाराम बापू के स्वास्थ्य उपचार की मांग को लेकर रैली, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

UNITED NEWS OF ASIA. यज्ञराज पटेल, छिंदवाड़ा l संत आशाराम बापू को उचित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग को लेकर छिंदवाड़ा में विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों ने रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। श्री योग वेदांत सेवा समिति के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन के बाद मुख्य न्यायाधीश, सुप्रीम कोर्ट, राजस्थान के मुख्यमंत्री और केंद्रीय जेल अधीक्षक, जोधपुर के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। समिति का दावा है कि इसी मांग को लेकर देशभर के करीब आठ सौ जिला केंद्रों पर प्रदर्शन किया गया।

ज्ञापन में समिति ने बताया कि जोधपुर जेल में बंद संत आशाराम बापू की उम्र सतासी वर्ष है और उन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं। समिति के अनुसार, राजस्थान उच्च न्यायालय ने उन्हें उपचार के लिए बीस दिनों की पैरोल दी थी, जिसके दौरान वे मध्य प्रदेश के इंदौर में इलाज कराने पहुंचे थे। समिति का कहना है कि उनके हृदय में ब्लॉकेज से संबंधित समस्या के चलते उपचार जारी था और पैरोल की अवधि सत्ताईस अक्टूबर दो हजार छब्बीस को समाप्त हो रही थी। उस समय वे आईसीयू में उपचाराधीन थे।

समिति के प्रतिनिधियों ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि पैरोल अवधि समाप्त होने पर संत आशाराम बापू न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए एयर एंबुलेंस से इंदौर से जोधपुर पहुंचे। उनके अनुसार, विमान की लैंडिंग में देरी के कारण वे जेल निर्धारित समय से कुछ देर बाद पहुंचे, लेकिन जेल प्रशासन ने उन्हें तत्काल प्रवेश नहीं दिया। समिति ने यह भी आरोप लगाया कि अगले दिन जेल में प्रवेश के बाद उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में भी परेशानी हुई।

ज्ञापन में समिति ने दावा किया कि जेल प्रशासन को मरीज कैदी की देखभाल से संबंधित न्यायालय के दिशा-निर्देशों की जानकारी दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद उचित व्यवस्था नहीं की गई। समिति ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों और दैनिक आवश्यकताओं को लेकर भी प्रतिबंध लगाए गए। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि ज्ञापन में उपलब्ध नहीं है।

समिति ने राजस्थान सरकार और जोधपुर जेल प्रशासन से मांग की कि संत आशाराम बापू की उम्र और स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उन्हें तत्काल उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही ज्ञापन में मरीज कैदियों के उपचार और वरिष्ठ आयु के कैदियों से संबंधित न्यायालय के निर्देशों का विधि के अनुरूप पालन सुनिश्चित करने की मांग की गई।

समिति ने अपने ज्ञापन में संत आशाराम बापू के धार्मिक एवं सामाजिक योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि बड़ी संख्या में अनुयायी उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चिंतित हैं। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए आवश्यक चिकित्सा व्यवस्था करने की अपील की।

इस दौरान श्री योग वेदांत सेवा समिति के अध्यक्ष मदन मोहन परसाई, खजरी आश्रम के संचालक जय रामभाई, गुरुकुल संचालिका दर्शना खट्टर, छात्रावास प्रभारी सोमनाथ पवार, लिंगा आश्रम की संचालिका साध्वी प्रतिमा बहन, युवा सेवा संघ के अध्यक्ष दीपक दोईफोड़े, सुभाष इंगले, राष्ट्रीय बजरंग दल के नितेश साहू, अंकित ठाकरे, ओमी साहू, भूपेश पहाड़े, ओमप्रकाश डहेरिया, अश्विन पटेल, शम्भूदयाल साहू, विमल शेरके, डॉ. मीरा पराड़कर, करुणेश पाल और कृष्ण राठौर सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।