जबेंगलुरु में CEC ज्ञानेश कुमार का मॉक अरेस्ट, INDIA गठबंधन ने निकाला जुलूस; SIR के खिलाफ प्रदर्शन ते

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में INDIA गठबंधन के दलों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने SIR प्रक्रिया के खिलाफ संयुक्त प्रदर्शन किया। इस दौरान विपक्षी कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का प्रतीकात्मक मॉक अरेस्ट कर सड़क पर जुलूस निकाला और उनके इस्तीफे की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने आंदोलन को जिला और ब्लॉक स्तर तक विस्तार देने की बात कही।

Nov 5, 2026 - 18:04
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जबेंगलुरु में CEC ज्ञानेश कुमार का मॉक अरेस्ट, INDIA गठबंधन ने निकाला जुलूस; SIR के खिलाफ प्रदर्शन ते

UNITED NEWS OF ASIA. कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में पांच नवंबर को INDIA गठबंधन के दलों ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के विरोध में राज्य स्तरीय प्रदर्शन किया। फ्रीडम पार्क में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन के दौरान विपक्षी कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार का प्रतीकात्मक मॉक अरेस्ट किया और सड़क पर उनका जुलूस निकाला। इस अनोखे विरोध प्रदर्शन के जरिए विपक्ष ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी और वोट चोरी के आरोपों को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया।

प्रदर्शन सुबह ग्यारह बजे से दोपहर दो बजे तक चला। इसमें कांग्रेस, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPI-M), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी), समाजवादी पार्टी सहित कई राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग की।

मॉक अरेस्ट कर जताया विरोध

विपक्षी कार्यकर्ताओं ने मॉक पार्लियामेंट की तर्ज पर विरोध का प्रतीकात्मक तरीका अपनाया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का मॉक अरेस्ट किया और इसके बाद उनका प्रतीकात्मक जुलूस निकाला। यह पूरी कार्रवाई विरोध प्रदर्शन के हिस्से के रूप में की गई थी। इसे वास्तविक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि राजनीतिक विरोध के प्रतीकात्मक प्रदर्शन के रूप में देखा जाना चाहिए।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद ने की। प्रदर्शन में अभिनेता प्रकाश राज, CPI-M के राज्य सचिव प्रकाश के., CPI के राज्य सचिव साथी सुंदरेश, माले के राज्य सचिव क्लिफ्टन डी’रोजारियो, फॉरवर्ड ब्लॉक के अध्यक्ष जेआर शिवशंकर और प्रदेश समाजवादी पार्टी प्रमुख एन. मंजप्पा भी शामिल हुए।

SIR प्रक्रिया को लेकर विपक्ष ने उठाए सवाल

प्रदर्शन में शामिल विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में कथित अनियमितताएं हो रही हैं। उनका कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से नहीं हटे और किसी तरह की गड़बड़ी की आशंका न रहे। इसी मुद्दे को लेकर INDIA गठबंधन के नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाई।

इस आंदोलन में सर्वोदय कर्नाटक, एद्डेलु कर्नाटक, दलित संगठनों के महासंघ और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (RPI) सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। प्रदर्शन को विपक्षी गठबंधन के व्यापक आंदोलन का हिस्सा बताया गया।

दिल्ली के बाद अब कर्नाटक में आंदोलन

इससे पहले एक नवंबर को विपक्षी दलों ने दिल्ली के रामलीला मैदान में SIR प्रक्रिया के खिलाफ प्रदर्शन किया था। बेंगलुरु का आयोजन उसी आंदोलन की अगली कड़ी के रूप में किया गया। कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद ने कहा कि दिल्ली में हुए प्रदर्शन के बाद INDIA गठबंधन के सहयोगी दलों ने मिलकर आंदोलन को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई थी।

हरिप्रसाद के मुताबिक, अब इस आंदोलन को कर्नाटक के सभी जिलों और ब्लॉक स्तर तक ले जाने की तैयारी है। इसके लिए पार्टी की जिला इकाइयों को निर्देश दिया गया है कि वे स्थानीय स्तर पर गठबंधन के सहयोगी दलों के साथ मिलकर विरोध प्रदर्शन आयोजित करें।

बेंगलुरु का यह प्रदर्शन SIR प्रक्रिया को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच जारी राजनीतिक बहस को एक बार फिर चर्चा में ले आया है। जहां विपक्ष मतदाता सूची की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहा है, वहीं इस पूरे विवाद में चुनाव आयोग का आधिकारिक पक्ष भी महत्वपूर्ण रहेगा। फिलहाल INDIA गठबंधन ने अपने आंदोलन को राज्यव्यापी स्तर पर विस्तार देने का संकेत दिया है।