दीपावली पर स्थानीय हुनर को कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने दिया बढ़ावा, स्व-सहायता समूहों से खरीदे मिट्टी के दीये और झालर, जिलेवासियों से की खास अपील

कोरिया जिले में दीपावली के अवसर पर कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने स्थानीय स्व-सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉल से मिट्टी के दीये और आकर्षक झालर खरीदकर स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहित किया। उन्होंने जिलेवासियों से स्व-सहायता समूहों और कुम्हार परिवारों के बनाए उत्पाद खरीदने की अपील की। कलेक्टर ने कहा कि स्थानीय उत्पादों की खरीदारी से कारीगरों की आजीविका मजबूत होगी और उनकी मेहनत को सम्मान मिलेगा।

Nov 7, 2026 - 08:27
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दीपावली पर स्थानीय हुनर को कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने दिया बढ़ावा, स्व-सहायता समूहों से खरीदे मिट्टी के दीये और झालर, जिलेवासियों से की खास अपील

UNITED NEWS OF ASIA. जमील अंसारी, कोरिया l दीपावली का पर्व न केवल रोशनी और खुशियों का प्रतीक है, बल्कि स्थानीय कारीगरों और छोटे व्यवसायियों के लिए आजीविका का महत्वपूर्ण अवसर भी होता है। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए कोरिया जिले की कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने स्थानीय हुनर को प्रोत्साहित करने की अनूठी पहल की है। दीपावली की तैयारियों के बीच कलेक्टर ने बैकुंठपुर स्थित समाज कल्याण विभाग के सामने स्व-सहायता समूह द्वारा लगाए गए स्टॉल पर पहुंचकर मिट्टी के दीये और आकर्षक झालर खरीदे। इस दौरान उन्होंने स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और कारीगरों की मेहनत को सम्मान देने का संदेश दिया।

कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि दीपावली के पावन अवसर पर बाजारों में उपलब्ध स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दें। विशेष रूप से स्व-सहायता समूहों और कुम्हार परिवारों द्वारा तैयार किए गए मिट्टी के दीये खरीदकर उनके आर्थिक सशक्तिकरण में योगदान दें। उन्होंने कहा कि जब हम स्थानीय स्तर पर निर्मित वस्तुओं की खरीदारी करते हैं, तो इससे न केवल कारीगरों की आय बढ़ती है, बल्कि उनकी पारंपरिक कला और हुनर को भी नई पहचान मिलती है।

दीपावली के अवसर पर मिट्टी के दीयों का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। पीढ़ियों से कुम्हार परिवार अपने पारंपरिक कौशल से मिट्टी के सुंदर दीये तैयार करते आ रहे हैं। त्योहारों के समय इनकी बिक्री उनके परिवारों की आजीविका का महत्वपूर्ण साधन बनती है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर निर्मित दीयों और सजावटी सामग्री की खरीदारी इन परिवारों के आर्थिक सहयोग का प्रभावी माध्यम बन सकती है।

कलेक्टर की इस पहल का उद्देश्य लोगों को स्थानीय उत्पादों के उपयोग के प्रति जागरूक करना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने का संदेश देना है। स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के लिए भी त्योहारों का समय अपने उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने का अवसर होता है। स्थानीय स्तर पर तैयार सजावटी सामग्री, झालर और अन्य हस्तनिर्मित उत्पादों की मांग बढ़ने से समूहों को आर्थिक लाभ मिलने की संभावनाएं बढ़ती हैं।

कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने जिले एवं नगरवासियों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि दीपावली अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने की प्रेरणा देने वाला पर्व है। यह त्योहार हमें आपसी सहयोग, सामाजिक एकता और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का संदेश देता है।

उन्होंने किसानों, ग्रामीणों और जिले के सभी नागरिकों से अपील की कि दीपावली के अवसर पर कोरिया जिले के समग्र विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का संकल्प लें। किसी भी क्षेत्र का विकास केवल प्रशासनिक प्रयासों से नहीं, बल्कि नागरिकों की सक्रिय सहभागिता और सहयोग से संभव होता है।

कलेक्टर की स्थानीय उत्पादों की खरीदारी से जुड़ी यह पहल दीपावली के अवसर पर एक महत्वपूर्ण सामाजिक संदेश देती है। यदि प्रत्येक परिवार अपने आसपास के कुम्हारों और स्व-सहायता समूहों से कुछ उत्पाद भी खरीदता है, तो इससे स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहन मिल सकता है। साथ ही पारंपरिक हस्तशिल्प और ग्रामीण आजीविका को मजबूत बनाने की दिशा में सकारात्मक योगदान दिया जा सकता है।