कबीरधाम में नेशनल लोक अदालत का सफल आयोजन, 32,763 मामलों का निपटारा, 11 करोड़ से अधिक राशि के वाद निराकृत

कबीरधाम जिले में आयोजित नेशनल लोक अदालत में कुल 32,763 मामलों का निराकरण किया गया। इस दौरान 11 करोड़ 21 लाख रुपये से अधिक राशि से जुड़े मामलों का निपटारा हुआ। लोक अदालत में वैवाहिक विवादों, मोटर दुर्घटना दावा, चेक बाउंस और अन्य प्रकरणों का समझौते के आधार पर समाधान किया गया।

Mar 16, 2026 - 16:24
 0  1
कबीरधाम में नेशनल लोक अदालत का सफल आयोजन, 32,763 मामलों का निपटारा, 11 करोड़ से अधिक राशि के वाद निराकृत

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा | छत्तीसगढ़ राज्य में आयोजित नेशनल लोक अदालत के तहत कबीरधाम जिले में भी इसका सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिले में बड़ी संख्या में लंबित मामलों का आपसी समझौते के आधार पर निराकरण किया गया। लोक अदालत का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कबीरधाम की अध्यक्ष सत्यभामा अजय दुबे द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर पूजा-अर्चना और दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

नेशनल लोक अदालत के आयोजन के लिए जिले में कुल 12 खंडपीठ गठित की गई थीं। इनमें से 11 खंडपीठ जिला मुख्यालय कबीरधाम में तथा एक खंडपीठ व्यवहार न्यायालय पंडरिया में स्थापित की गई। इन खंडपीठों में विभिन्न प्रकार के राजीनामा योग्य दांडिक प्रकरण, चेक बाउंस मामले, सिविल वाद, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, वैवाहिक विवाद और प्री-लिटिगेशन मामलों जैसे बिजली बिल, दूरभाष, बैंक लोन तथा जलकर से जुड़े प्रकरणों का निराकरण किया गया।

लोक अदालत के दौरान कुल 32 हजार 763 मामलों का निराकरण किया गया। इन मामलों में लगभग 11 करोड़ 21 लाख 14 हजार 828 रुपये से अधिक की राशि से जुड़े वादों का समाधान किया गया।

खंडपीठ क्रमांक 1 में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सत्यभामा अजय दुबे द्वारा मोटर दुर्घटना दावा प्रकरणों में 47 लाख 40 हजार रुपये की अवार्ड राशि पारित की गई। इसके अलावा एक मामले की सुनवाई पक्षकारों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए वर्चुअल माध्यम से कर उसका भी निराकरण किया गया।

इसी प्रकार परिवार न्यायालय कबीरधाम में पीठासीन अधिकारी लीलाधर सारथी ने वैवाहिक विवाद से संबंधित 31 मामलों का निराकरण कर दंपत्तियों के बीच संबंधों में मधुरता स्थापित करने का प्रयास किया। वहीं विद्युत से जुड़े मामलों में पीठासीन अधिकारी योगिता विनय वासनिक द्वारा लगभग 5 लाख 7 हजार रुपये की वसूली कर प्रकरणों का निपटारा किया गया।

राजस्व न्यायालयों में भी बड़ी संख्या में मामलों का समाधान किया गया, जहां 26 हजार 252 लंबित प्रकरणों का निराकरण करते हुए हितग्राहियों को लगभग 10 करोड़ 18 लाख रुपये से अधिक की राहत प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त नगर पालिका कबीरधाम द्वारा जलकर और दुकान किराया से जुड़े 257 मामलों में 2 लाख 23 हजार 950 रुपये की वसूली की गई।

लोक अदालत के दौरान कई वर्षों से चल रहे विवाद भी समाप्त हुए। परिवार न्यायालय में एक ऐसा मामला सामने आया, जिसमें लगभग 25-30 वर्षों से भरण-पोषण से जुड़ा विवाद चल रहा था। 70 वर्षीय महिला और 75 वर्षीय पुरुष के बीच चल रहे इस विवाद को आपसी सहमति से एकमुश्त भरण-पोषण राशि देकर समाप्त किया गया।

इसी तरह वर्ष 2021 से चल रहे एक किराया विवाद में भी लोक अदालत के माध्यम से समझौता हुआ, जहां दोनों पक्षों ने पांच वर्ष पुरानी दुश्मनी भुलाकर आपसी सहमति से मामला समाप्त किया और पड़ोसी के रूप में सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखने का संकल्प लिया।

लोक अदालत को यादगार बनाने के लिए जिला न्यायालय परिसर में सेल्फी प्वाइंट और स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित किया गया, जहां आए हुए पक्षकारों ने स्वास्थ्य जांच का लाभ लिया और कार्यक्रम की स्मृतियों को तस्वीरों में संजोया।