शाला प्रवेशोत्सव पर बच्चों का उत्साह से स्वागत, कबीरधाम जिले में शिक्षा सत्र की हुई शुरुआत

कबीरधाम जिले में शाला प्रवेशोत्सव उत्साह के साथ मनाया गया। बच्चों का तिलक और मिठाई से स्वागत किया गया। इस अवसर पर निःशुल्क पुस्तक, गणवेश और पात्र छात्राओं को साइकिल वितरण भी किया गया।

Jun 16, 2026 - 18:15
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शाला प्रवेशोत्सव पर बच्चों का उत्साह से स्वागत, कबीरधाम जिले में शिक्षा सत्र की हुई शुरुआत

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा l कबीरधाम जिले में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत इस वर्ष उत्साह और उमंग के साथ की गई। मंगलवार को जिले के सभी शासकीय, अशासकीय एवं अनुदान प्राप्त विद्यालयों में शाला प्रवेशोत्सव बड़े धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर स्कूलों में बच्चों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया, जहां उन्हें तिलक लगाकर, गुलाल से अभिनंदन कर और मिठाई खिलाकर शिक्षा के नए सफर की शुरुआत कराई गई।

लंबे अवकाश के बाद विद्यालय पहुंचे विद्यार्थियों के चेहरों पर खास उत्साह और खुशी देखने को मिली। नए छात्रों के लिए यह दिन विशेष रूप से यादगार बन गया, क्योंकि स्कूलों में उन्हें आत्मीयता के साथ स्वागत मिला। शिक्षकों और विद्यालय स्टाफ ने बच्चों का उत्साह बढ़ाया और उन्हें शिक्षा के महत्व से अवगत कराया।

शाला प्रवेशोत्सव के अवसर पर विद्यार्थियों को शासन की योजनाओं के तहत निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें और गणवेश वितरित किए गए। इससे बच्चों और अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है। इसके साथ ही सरस्वती सायकल योजना के अंतर्गत कक्षा 9वीं की पात्र छात्राओं को निःशुल्क साइकिल भी प्रदान की गई, जिससे उन्हें विद्यालय आने-जाने में सुविधा मिलेगी।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालयों में विशेष मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था भी की गई, जिसमें बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस आयोजन ने विद्यालयों में एक उत्सव जैसा माहौल बना दिया।

शिक्षकों ने विद्यार्थियों को नियमित रूप से विद्यालय आने, अनुशासन का पालन करने और मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बच्चों को शिक्षा के महत्व को समझाते हुए बताया कि शिक्षा ही उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव है।

शाला प्रवेशोत्सव का मुख्य उद्देश्य बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें विद्यालय आने के लिए प्रेरित करना है। इस आयोजन के माध्यम से नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत को एक उत्सव का रूप दिया गया, जिससे बच्चों में पढ़ाई के प्रति सकारात्मक माहौल बने।

जिले के सभी विद्यालयों में अब नियमित रूप से कक्षाएं प्रारंभ हो चुकी हैं। शिक्षा विभाग और शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि हर बच्चा स्कूल से जुड़ा रहे और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सके।

इस तरह शाला प्रवेशोत्सव ने न केवल बच्चों का स्वागत किया, बल्कि शिक्षा के प्रति एक मजबूत और सकारात्मक संदेश भी दिया है।