कस्टम मिलिंग में लापरवाही पर सख्ती: धमतरी में ऋषभ राइस प्रोसेसिंग पर प्रकरण दर्ज, जांच में कई अनियमितताएं उजागर
धमतरी जिले में कस्टम मिलिंग कार्य में लापरवाही और अनियमितताओं के चलते ऋषभ राइस प्रोसेसिंग के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। जांच में धान उठाव और चावल जमा करने में बड़ी गड़बड़ियां सामने आई हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी | जिले में कस्टम मिलिंग कार्य में लापरवाही को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देश पर खाद्य विभाग की टीम द्वारा की गई आकस्मिक जांच में ऋषभ राइस प्रोसेसिंग, श्यामतराई (बस्तर रोड) धमतरी में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। इसके बाद संबंधित फर्म के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है।
जांच टीम में सहायक खाद्य अधिकारी भेलेन्द्र कुमार ध्रुव एवं खाद्य निरीक्षक वैभव कोरटिया शामिल थे। अधिकारियों ने बताया कि फर्म के संचालक विनय पारख द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में कस्टम मिलिंग के लिए 64,000 क्विंटल धान का अनुबंध किया गया था। जांच तिथि तक 38,631.68 क्विंटल धान का उठाव किया जा चुका था, जिसके अनुपात में 26,129.72 क्विंटल चावल जमा किया जाना था।
हालांकि, जांच में पाया गया कि भारतीय खाद्य निगम और नागरिक आपूर्ति निगम में 5,262.67 क्विंटल चावल अब तक जमा नहीं किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, फर्म संचालक द्वारा इस कार्य में गंभीर लापरवाही बरती जा रही थी और शासकीय कार्यों के प्रति उदासीनता दिखाई गई।
वहीं, खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए फर्म को 96,080 क्विंटल धान उठाव की अनुमति दी गई थी। इसके तहत 35,870 क्विंटल धान के लिए डी.ओ. जारी किया गया, लेकिन जांच तिथि तक केवल 17,628.09 क्विंटल धान का ही उठाव किया गया। साथ ही, 11,926.11 क्विंटल चावल जमा किया जाना शेष पाया गया।
भौतिक सत्यापन के दौरान अधिकारियों को और भी विसंगतियां मिलीं। फर्म में 257.33 क्विंटल चावल अधिक पाया गया, जबकि 250 क्विंटल चावल अन्य राइस मिल "प्रिशा इंटरप्राइजेस, कुकरेल" के मार्का बारदाने में मिला। यह गंभीर अनियमितता मानी गई है।
जांच के दौरान संचालक द्वारा आवश्यक दस्तावेज बी-1 प्रस्तुत नहीं किया गया और न ही खाद्य विभाग को मासिक विवरणी दी जा रही थी। यह भी पाया गया कि फर्म द्वारा कस्टम मिलिंग कार्य को प्राथमिकता नहीं दी जा रही थी।
इन सभी तथ्यों के आधार पर छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन आदेश 2016 की विभिन्न कंडिकाओं तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 का उल्लंघन पाया गया। इसी के चलते फर्म के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए प्रकरण दर्ज किया गया है।
खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले के अन्य पंजीकृत राइस मिलरों को भी चेतावनी दी गई है कि वे निर्धारित समय में धान उठाव और चावल जमा सुनिश्चित करें। नियमों का पालन नहीं करने पर इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।