ज्ञानेश्वरी यादव की सफलता से युवाओं को मिलेगी प्रेरणा, खेलों के लिए बनेगा बेहतर माहौल – अरुण साव
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में भारोत्तोलन में रजत पदक जीतने वाली राजनांदगांव की खिलाड़ी ज्ञानेश्वरी यादव को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश्वरी की उपलब्धि से छत्तीसगढ़ के युवाओं को खेलों के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। इस दौरान ज्ञानेश्वरी ने अपने संघर्ष, पिता के सपने और सफलता की कहानी साझा की।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर, 3 अगस्त 2026। ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में भारोत्तोलन प्रतियोगिता में देश के लिए रजत पदक जीतने वाली राजनांदगांव की युवा खिलाड़ी ज्ञानेश्वरी यादव को उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने सम्मानित किया। नवा रायपुर स्थित उप मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित सम्मान समारोह में ज्ञानेश्वरी यादव के माता-पिता को भी सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि ज्ञानेश्वरी यादव की उपलब्धि छत्तीसगढ़ और भारत के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक जीतकर ज्ञानेश्वरी ने प्रदेश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। उनकी सफलता से प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी और खेलों के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार होगा।
अरुण साव ने ज्ञानेश्वरी के पिता दीपक यादव और माता दुर्गा यादव के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि माता-पिता के त्याग और सहयोग से ही प्रतिभाएं आगे बढ़ती हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि छत्तीसगढ़ के युवा ज्ञानेश्वरी से प्रेरणा लेकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करेंगे।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेल और खिलाड़ियों के विकास के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सरकार द्वारा बस्तर ओलंपिक, सरगुजा ओलंपिक और स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव जैसे आयोजन किए जा रहे हैं। इसके साथ ही खेल अधोसंरचना को मजबूत करने, खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण देने और प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। जरूरत है उन्हें सही मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और अवसर उपलब्ध कराने की। आने वाले समय में प्रदेश के खिलाड़ी देश और दुनिया में छत्तीसगढ़ का नाम गौरवान्वित करें, इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
चुनौतियों ने बनाया मजबूत – ज्ञानेश्वरी यादव
रजत पदक विजेता ज्ञानेश्वरी यादव ने अपने संघर्ष और सफलता की कहानी साझा करते हुए बताया कि बड़े मंचों पर शुरुआत में दबाव और घबराहट महसूस होती थी। विश्व चैंपियनशिप जैसे मुकाबलों के अनुभव ने उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाया और बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए खुद को तैयार करना सिखाया।
उन्होंने कहा कि किसी भी प्रतियोगिता में उनका लक्ष्य अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देना होता है। कठिन परिस्थितियों और चुनौतियों ने उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है।
ज्ञानेश्वरी ने अपने पिता के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके पिता का सपना ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रहा है। शुरुआती दिनों में उनके पिता साइकिल से उन्हें जिम तक लेकर जाते थे और हमेशा उन्हें देश के लिए खेलने के लिए प्रेरित करते थे।
उन्होंने बताया कि उनके पिता ने प्रशिक्षण, खान-पान और हर जरूरत का ध्यान रखा। परिवार के बेहतर भविष्य और उनकी तैयारी के लिए उनके पिता ने काफी मेहनत की। ज्ञानेश्वरी ने कहा कि उनकी हर उपलब्धि के पीछे उनके पिता का त्याग, संघर्ष और समर्पण सबसे बड़ी प्रेरणा है।
सम्मान समारोह में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारी, भारोत्तोलन संघ के पदाधिकारी और विभिन्न खेलों का प्रशिक्षण ले रहे खिलाड़ी भी मौजूद रहे।