पर्यावरण संरक्षण में उत्कृष्ट योगदान के लिए अमिताभ दुबे को मिला ‘पर्यावरण रत्न सम्मान-2026’

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर अमिताभ दुबे को पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, वृक्षारोपण और जनजागरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर ‘पर्यावरण रत्न सम्मान-2026’ से सम्मानित किया गया। वे देश के शीर्ष पांच पर्यावरण योद्धाओं में शामिल हुए हैं।

Jun 8, 2026 - 15:50
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पर्यावरण संरक्षण में उत्कृष्ट योगदान के लिए अमिताभ दुबे को मिला ‘पर्यावरण रत्न सम्मान-2026’

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह,रायपुर l विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर छत्तीसगढ़ के पर्यावरण कार्यकर्ता और ग्रीन आर्मी छत्तीसगढ़ के संस्थापक अमिताभ दुबे को राष्ट्रीय स्तर पर ‘पर्यावरण रत्न सम्मान-2026’ से सम्मानित किया गया। प्रेस क्लब ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (पंजीकृत) द्वारा प्रदान किए गए इस सम्मान के लिए देशभर से केवल पांच पर्यावरण योद्धाओं का चयन किया गया था, जिनमें अमिताभ दुबे का नाम भी शामिल है।

अमिताभ दुबे पिछले 11 वर्षों से पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, वृक्षारोपण, स्वच्छता और जनजागरण के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में ग्रीन आर्मी छत्तीसगढ़ ने प्रदेशभर में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कई महत्वपूर्ण अभियान संचालित किए हैं। वर्तमान में संगठन के 3000 से अधिक सदस्य सक्रिय हैं और इसका विस्तार 17 जिलों एवं 25 से अधिक गांवों तक हो चुका है।

ग्रीन आर्मी द्वारा अब तक प्रदेश में पांच लाख से अधिक पौधों का रोपण किया जा चुका है। विशेष बात यह है कि लगाए गए पौधों में लगभग 80 प्रतिशत पौधे आज भी सुरक्षित और जीवित हैं। संस्था केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि पौधों के संरक्षण और संवर्धन पर भी लगातार कार्य करती है।

सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत प्रतिवर्ष 25 हजार से अधिक कपड़े के झोलों का वितरण किया जाता है। इसके अलावा 125 से अधिक सामुदायिक भवनों, होटलों और कार्यालयों को प्लास्टिक मुक्त बनाने की दिशा में काम किया गया है। रायपुर के विभिन्न बाजारों में नियमित रूप से जागरूकता अभियान भी चलाए जाते हैं।

पर्यावरण शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हर वर्ष 125 से अधिक स्कूलों और कॉलेजों में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। अमिताभ दुबे स्वयं 1000 से अधिक पर्यावरण जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सहभागिता कर चुके हैं।

जल संरक्षण के क्षेत्र में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। सार्वजनिक स्थलों पर खराब और बिना टोंटी वाले नलों की पहचान कर संबंधित विभागों के माध्यम से सुधार करवाकर लाखों लीटर पानी की बचत सुनिश्चित की गई है।

कोरोना महामारी के दौरान ग्रीन आर्मी की 45 सदस्यीय टीम ने राहत और जनसेवा कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई। वहीं रायपुर के बूढ़ातालाब, गजराज बांध, महाराजा बांध तालाब और कल्याण सागर तालाब संरक्षण अभियानों में भी संगठन ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।

सम्मान प्राप्त करने के बाद अमिताभ दुबे ने कहा कि यह पुरस्कार किसी एक व्यक्ति का नहीं बल्कि ग्रीन आर्मी छत्तीसगढ़ के हजारों स्वयंसेवकों, पर्यावरण प्रेमियों, विद्यार्थियों, मातृशक्ति और सामाजिक कार्यकर्ताओं के सामूहिक प्रयासों का सम्मान है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संकल्प है और इस दिशा में उनका अभियान आगे भी जारी रहेगा।

इस उपलब्धि पर प्रदेशभर के सामाजिक, शैक्षणिक, धार्मिक और पर्यावरणीय संगठनों ने अमिताभ दुबे एवं ग्रीन आर्मी छत्तीसगढ़ को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।