एमसीबी के पीएम श्री एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में शाला प्रवेशोत्सव, स्मार्ट क्लास का लोकार्पण
एमसीबी जिले के पोड़ीडीह स्थित पीएम श्री एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में शाला प्रवेशोत्सव उत्साहपूर्वक मनाया गया। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर स्वागत किया, शैक्षणिक सामग्री वितरित की और स्मार्ट क्लास का लोकार्पण करते हुए आधुनिक शिक्षा को भविष्य की सफलता का आधार बताया।
UNITED NEWS OF ASIA. हेमन्त कुमार, एमसीबी l जिले के विकासखंड खड़गवां अंतर्गत पोड़ीडीह स्थित पीएम श्री एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में गुरुवार को नए शैक्षणिक सत्र के अवसर पर शाला प्रवेशोत्सव का आयोजन उत्साह, उल्लास और गरिमामय वातावरण में किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक एवं प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर नवप्रवेशी विद्यार्थियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया और विद्यालय में स्थापित अत्याधुनिक स्मार्ट क्लास का लोकार्पण भी किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं के स्वागत से हुई। स्वास्थ्य मंत्री ने बच्चों को तिलक लगाकर उनका आत्मीय अभिनंदन किया तथा पुष्पमाला पहनाकर उन्हें नए शैक्षणिक जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं। इसके बाद विद्यार्थियों को शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई। बच्चों के चेहरों पर नए सत्र की खुशी और उत्साह साफ दिखाई दे रहा था। विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों की बड़ी संख्या मौजूद रही।
अपने संबोधन में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि शाला प्रवेशोत्सव केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नई शुरुआत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज और राष्ट्र की प्रगति का सबसे मजबूत आधार होती है। यदि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर वातावरण और आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, तो वे भविष्य में देश और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विद्यालय में स्थापित स्मार्ट क्लास का लोकार्पण रहा। स्वास्थ्य मंत्री ने स्मार्ट क्लास का शुभारंभ करते हुए कहा कि बदलते समय के साथ शिक्षा प्रणाली में तकनीक का समावेश बेहद आवश्यक हो गया है। स्मार्ट क्लास के माध्यम से विद्यार्थियों को डिजिटल माध्यम से पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा, जिससे कठिन विषयों को समझना आसान होगा और उनकी सीखने की क्षमता में भी वृद्धि होगी।
उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा विद्यार्थियों की रचनात्मक सोच को विकसित करेगी और उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी मदद मिलेगी। डिजिटल शिक्षा के माध्यम से बच्चों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की शैक्षणिक सामग्री तक पहुंच मिलेगी, जिससे उनका ज्ञान और कौशल दोनों मजबूत होंगे।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नई पहल कर रही है ताकि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को भी शहरों जैसी सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि आज का विद्यार्थी ही कल का डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक, शिक्षक, प्रशासनिक अधिकारी और देश का जिम्मेदार नागरिक बनेगा। इसलिए बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों की शिक्षा देना भी आवश्यक है।
उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे अपने बच्चों की नियमित पढ़ाई पर विशेष ध्यान दें और उन्हें विद्यालय भेजने में किसी प्रकार की लापरवाही न करें। बच्चों की सफलता में परिवार और शिक्षकों की भूमिका समान रूप से महत्वपूर्ण होती है। यदि दोनों मिलकर बच्चों का मार्गदर्शन करें तो निश्चित रूप से बेहतर परिणाम सामने आएंगे।
विद्यालय के प्राचार्य ने अतिथियों का स्वागत करते हुए विद्यालय की उपलब्धियों, शैक्षणिक गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों, विज्ञान एवं तकनीक आधारित शिक्षण और व्यक्तित्व विकास कार्यक्रमों के माध्यम से छात्रों को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी विद्यार्थियों को नए सत्र की शुभकामनाएं देते हुए अनुशासन, नियमित अध्ययन और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं, जिन्हें उपस्थित लोगों ने खूब सराहा।
इस अवसर पर विद्यालय स्टाफ, खड़गवां भाजपा मंडल के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, अभिभावक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में उत्सव जैसा माहौल बना रहा। नवप्रवेशी विद्यार्थियों के चेहरे पर नई उम्मीदें और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था।
शाला प्रवेशोत्सव के माध्यम से विद्यार्थियों को शिक्षा के महत्व से अवगत कराने के साथ-साथ उन्हें विद्यालय से जोड़ने का प्रयास किया गया। वहीं स्मार्ट क्लास की शुरुआत से यह उम्मीद भी बढ़ी है कि आने वाले समय में विद्यालय के छात्र आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा का लाभ उठाकर बेहतर शैक्षणिक उपलब्धियां हासिल करेंगे। सरकार की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ने और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।