चलती कार में दोस्त की हत्या, महानदी किनारे टापू में दफनाया शव; पार्षद समेत चार आरोपी गिरफ्तार
महासमुंद पुलिस ने एक सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए पार्षद समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने आपसी विवाद के बाद चलती कार में अपने दोस्त की पीट-पीटकर हत्या कर दी और शव को महानदी किनारे एक टापू में दफना दिया। गुमशुदगी की जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले का पर्दाफाश किया।
UNITED NEWS OFA ASIA. महासमुंद जिले में एक सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा हुआ है, जिसमें दोस्ती के रिश्ते को शर्मसार करते हुए एक युवक की चलती कार में पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। हत्या के बाद आरोपियों ने शव को ठिकाने लगाने के लिए महानदी किनारे एक टापू में दफना दिया। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए एक पार्षद सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार रायपुर जिले के मंदिर हसौद क्षेत्र स्थित इंदिरा कॉलोनी निवासी भुनेश्वर यादव 22 मई 2026 की रात से लापता था। परिजनों ने उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिलने पर 28 मई को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। जांच के दौरान मृतक की पत्नी ने पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी दी। उसने बताया कि घटना वाली रात जब उसने अपने पति को फोन किया था, तब उसके साथ कुछ परिचित लोगों की आवाजें भी सुनाई दे रही थीं।
पत्नी के बयान के आधार पर पुलिस ने मृतक के मित्रों से पूछताछ शुरू की। मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच में पता चला कि घटना की रात मृतक और संदिग्धों की लोकेशन महासमुंद जिले के नांदगांव क्षेत्र में थी। इसके बाद पुलिस ने गहन पूछताछ की, जिसमें आरोपियों ने पूरी घटना स्वीकार कर ली।
जांच में सामने आया कि 22 मई की रात सभी आरोपी एक कार में सवार होकर नांदगांव की ओर जा रहे थे। रास्ते में शराब सेवन के दौरान मोहल्ले में पानी की समस्या को लेकर मृतक और उसके एक मित्र के बीच विवाद शुरू हो गया। धीरे-धीरे विवाद इतना बढ़ गया कि कार के अंदर ही मारपीट शुरू हो गई। बीच-बचाव की कोशिश कर रहे अन्य लोग भी विवाद में शामिल हो गए और तीन आरोपियों ने मिलकर भुनेश्वर यादव की बेरहमी से पिटाई कर दी। गंभीर चोटों के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
मृत्यु के बाद आरोपी घबरा गए और घटना को छिपाने के लिए शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने एक अन्य सहयोगी की मदद से महानदी किनारे स्थित एक टापू पर गड्ढा खोदकर शव को दफना दिया। इसके बाद सभी अपने-अपने घर लौट गए और मामले को छिपाने का प्रयास करते रहे।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर कार्यपालिक दंडाधिकारी की मौजूदगी में घटनास्थल पर खुदाई कर शव बरामद किया। शव की पहचान भुनेश्वर यादव के रूप में हुई। मामले में घटना में प्रयुक्त ब्रेजा कार और चार मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1), 238 और 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया है। गिरफ्तार आरोपियों में नोहर दास रात्रे, अमित सिंह राजपूत, हेमचंद बंजारे और श्रवणदास जांगड़े शामिल हैं। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह मामला गुमशुदगी की जांच से शुरू होकर हत्या के खुलासे तक पहुंचा। तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और वैज्ञानिक जांच के आधार पर पूरे घटनाक्रम का पर्दाफाश किया गया। इस कार्रवाई को महासमुंद और रायपुर पुलिस की संयुक्त जांच का महत्वपूर्ण परिणाम माना जा रहा है।