सोनम वांगचुक के अनशन का 18वां दिन, अभिजीत दीपके ने सरकार से मांगा जवाब

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल 18वें दिन में पहुंच गई है। इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए आंदोलन के मूल मुद्दों पर जवाबदेही तय करने की मांग की। वहीं कई विपक्षी नेताओं ने वांगचुक के स्वास्थ्य को देखते हुए उनसे अनशन समाप्त करने की अपील की है।

Jul 16, 2026 - 12:06
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सोनम वांगचुक के अनशन का 18वां दिन, अभिजीत दीपके ने सरकार से मांगा जवाब

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल 18वें दिन में पहुंच गई है। परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं और NEET पेपर लीक मामले को लेकर जारी इस आंदोलन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलन के मूल मुद्दों पर जवाब देने के बजाय सरकार मौन बनी हुई है।

अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि चर्चा का विषय यह नहीं होना चाहिए कि कौन सा राजनीतिक दल आंदोलन का समर्थन कर रहा है या कौन भूख हड़ताल में शामिल है। उनके अनुसार, मुख्य सवाल यह है कि परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों और NEET पेपर लीक जैसे मामलों पर जवाबदेही कब तय होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन से जुड़े मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश की जा रही है।

दीपके ने केंद्र सरकार से कई सवाल भी उठाए। उन्होंने पूछा कि आंदोलनकारियों से बातचीत क्यों नहीं की जा रही है, NEET पेपर लीक मामले में अब तक जवाबदेही क्यों तय नहीं हुई और सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल पर सरकार की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया क्यों नहीं आई। उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य छात्रों को न्याय दिलाना और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।

इस बीच कई विपक्षी नेताओं ने सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर चिंता व्यक्त की है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उनसे फोन पर बातचीत कर स्वास्थ्य की जानकारी ली और अनशन समाप्त करने की अपील की। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी उनके आंदोलन के प्रति समर्थन जताते हुए स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की सलाह दी। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी सार्वजनिक रूप से उनसे भूख हड़ताल समाप्त करने का आग्रह किया है।

CJP ने आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए 20 जुलाई को संसद तक मार्च निकालने की घोषणा की है। संगठन का कहना है कि इस मार्च के माध्यम से परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं और NEET पेपर लीक के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाएगा। पार्टी का दावा है कि आंदोलन का उद्देश्य छात्रों के हितों की रक्षा और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।

रिपोर्ट के अनुसार, 28 जून से जारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के दौरान सोनम वांगचुक का वजन काफी कम हुआ है, जिससे उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। उनके स्वास्थ्य को लेकर न्यायालय में भी जनहित याचिका दायर की गई है। फिलहाल आंदोलन जारी है और विभिन्न राजनीतिक दलों तथा सामाजिक संगठनों की इस पर लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।