होर्मुज स्ट्रेट हमले के बाद भारत का कड़ा रुख, भारतीय नाविक की मौत पर ईरानी दूतावास तलब

होर्मुज स्ट्रेट में यूएई के दो टैंकरों पर हुए मिसाइल हमले में एक भारतीय नाविक की मौत और कई अन्य के घायल होने के बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए ईरानी दूतावास के वरिष्ठ राजनयिक को तलब कर विरोध दर्ज कराया।

Jul 14, 2026 - 15:46
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होर्मुज स्ट्रेट हमले के बाद भारत का कड़ा रुख, भारतीय नाविक की मौत पर ईरानी दूतावास तलब

UNITED NEWS OF ASIA. होर्मुज स्ट्रेट में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के दो वाणिज्यिक जहाजों पर हुए मिसाइल हमले में एक भारतीय नाविक की मौत के बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने ईरानी दूतावास के वरिष्ठ राजनयिक को तलब कर इस घटना पर कड़ा विरोध दर्ज कराया और समुद्री मार्गों पर कार्यरत भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, हमले में एक भारतीय नाविक की जान चली गई, जबकि कई अन्य भारतीय नागरिक घायल हुए हैं। भारत ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। मंत्रालय ने स्पष्ट कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर व्यापारिक जहाजों और नाविकों को निशाना बनाना स्वीकार्य नहीं है तथा ऐसी घटनाएं वैश्विक समुद्री सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती हैं।

जानकारी के अनुसार, ईरानी दूतावास के उप प्रमुख मोहम्मद जवाद हुसैनी विदेश मंत्रालय पहुंचे, जहां भारतीय अधिकारियों ने औपचारिक विरोध दर्ज कराया। भारत ने समुद्री मार्गों पर सुरक्षित और निर्बाध नौवहन सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए क्षेत्र में तनाव कम करने की अपील भी की।

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई तेज हुई है, जिसके चलते होर्मुज स्ट्रेट जैसे रणनीतिक समुद्री मार्ग की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ गई है। यह जलमार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है और दुनिया के बड़े हिस्से का तेल इसी मार्ग से गुजरता है।

यूएई ने भी इस हमले की निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। हमले के बाद संबंधित जहाजों में आग लग गई थी, जिस पर बाद में काबू पा लिया गया। इस घटना ने क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक नौवहन को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।

भारत ने कहा है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का सीधा असर समुद्री व्यापार और वहां कार्यरत हजारों भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर पड़ सकता है। विदेश मंत्रालय ने दोहराया कि भारतीय मिशन स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में हैं और प्रभावित भारतीय नागरिकों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही भारत ने सभी पक्षों से हिंसा रोकने, संयम बरतने और संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की अपील की है, ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल हो सके।