UAPA के तहत भारत का बड़ा कदम, पाकिस्तान में सक्रिय 23 लोगों को आतंकवादी घोषित किया

केंद्र सरकार ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में सक्रिय 23 व्यक्तियों को आतंकवादी घोषित किया है। गृह मंत्रालय ने इनके नाम UAPA की चौथी अनुसूची में शामिल किए हैं। सरकार के अनुसार ये लोग आतंकियों की भर्ती, प्रशिक्षण, फंडिंग और हथियारों की आपूर्ति जैसी गतिविधियों में कथित रूप से शामिल रहे हैं।

Jul 4, 2026 - 13:14
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UAPA के तहत भारत का बड़ा कदम, पाकिस्तान में सक्रिय 23 लोगों को आतंकवादी घोषित किया

UNITED NEWS OF ASIA. आतंकवाद के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और मजबूत करते हुए केंद्र सरकार ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में सक्रिय 23 व्यक्तियों को आतंकवादी घोषित किया है। गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार इन सभी के नाम UAPA की चौथी अनुसूची में शामिल किए गए हैं। सरकार का कहना है कि यह कदम देश की सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ जारी अभियान को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

गृह मंत्रालय के अनुसार घोषित किए गए अधिकांश व्यक्ति प्रतिबंधित आतंकी संगठनों जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े हुए बताए गए हैं। इन पर आतंकवादी गतिविधियों के लिए भर्ती, प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता जुटाने, हथियारों की आपूर्ति और आतंकी साजिशों में भूमिका निभाने के आरोप हैं। मंत्रालय का कहना है कि इनकी गतिविधियां भारत की संप्रभुता, सुरक्षा और अखंडता के लिए गंभीर खतरा मानी गई हैं।

सरकार के अनुसार इन व्यक्तियों के नाम UAPA की चौथी अनुसूची में क्रमांक 58 से 80 तक जोड़े गए हैं। अधिसूचना में ऐसे कई व्यक्तियों का उल्लेख है जिनका नाम पहले से चर्चित आतंकी घटनाओं और साजिशों, जिनमें नगरोटा और सुंजवां हमले भी शामिल हैं, से जोड़ा गया है। सरकार का कहना है कि इनमें से अधिकांश व्यक्ति वर्तमान में पाकिस्तान या पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में सक्रिय हैं।

गृह मंत्रालय ने यह भी बताया कि सूची में शामिल कुछ व्यक्ति लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद के करीबी सहयोगी बताए जाते हैं। अधिसूचना में अब्दुल रऊफ, हाफिज खालिद वलीद और राणा इफ्तिखार का नाम भी शामिल है। सरकार का आरोप है कि ये लोग आतंकी नेटवर्क को मजबूत करने और विभिन्न गतिविधियों के संचालन में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।

सरकार का कहना है कि कुछ आरोपित सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों के जरिए युवाओं की भर्ती, कट्टरपंथी विचारधारा फैलाने, हथियारों का प्रशिक्षण उपलब्ध कराने तथा आतंकवादी गतिविधियों के लिए धन जुटाने में भी कथित रूप से शामिल रहे हैं। ऐसे नेटवर्क पर कार्रवाई को राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक बताया गया है।

गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) भारत का प्रमुख आतंकवाद विरोधी कानून है। इस कानून के तहत केंद्र सरकार किसी संगठन के साथ-साथ किसी व्यक्ति को भी आतंकवादी घोषित कर सकती है, यदि उसके खिलाफ उपलब्ध सामग्री और साक्ष्यों के आधार पर वह आतंकवादी गतिविधियों में शामिल पाया जाता है। इस कार्रवाई के बाद संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानून के तहत आगे की प्रक्रिया और अन्य प्रतिबंधात्मक कदम उठाए जा सकते हैं।

केंद्र सरकार ने दोहराया है कि आतंकवाद के खिलाफ उसकी नीति शून्य सहिष्णुता की है और देश की सुरक्षा के लिए खतरा बनने वाले तत्वों के खिलाफ कानून के दायरे में कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।