‘भाई सुधर जाओ, नहीं तो आंदोलन और भी हो सकते हैं’, बाबा रामदेव ने सरकारी नौकरियों में कथित घोटाले पर उठाए सवाल
योग गुरु बाबा रामदेव ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सरकारी नौकरियों में कथित गड़बड़ी, भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार और युवाओं में बढ़ते असंतोष को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि युवाओं के बीच गुस्सा बढ़ रहा है और यदि व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया तो देश में और आंदोलन हो सकते हैं। बाबा रामदेव ने राजनेताओं से भी आपसी विवाद छोड़कर देशहित में काम करने की अपील की।
UNITED NEWS OF ASIA. योग गुरु बाबा रामदेव एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने सरकारी नौकरियों में कथित गड़बड़ी, भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार और युवाओं के बीच बढ़ते असंतोष को लेकर कई सवाल उठाए। बाबा रामदेव ने कहा कि देश में चारों तरफ हंगामा दिखाई दे रहा है और युवाओं में नाराजगी बढ़ रही है। उन्होंने व्यवस्था में सुधार की जरूरत बताते हुए चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो देश में आगे भी आंदोलन हो सकते हैं।
बाबा रामदेव ने सरकारी नौकरियों में भर्ती प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि सरकारी नौकरी के इंटरव्यू और भर्ती प्रक्रिया में बड़े स्तर पर घोटाला होता है। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि कई जगह जाति और वर्ग के आधार पर लोगों को फायदा पहुंचाने की शिकायतें सामने आती हैं, जबकि अन्य योग्य उम्मीदवारों को अवसर से वंचित होना पड़ता है। उन्होंने भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने सरकारी नौकरियों में कथित रूप से बड़ी रकम लेकर भर्ती किए जाने के आरोपों का भी जिक्र किया। बाबा रामदेव ने कहा कि यदि इस तरह की गड़बड़ियां होती रहेंगी तो युवाओं के बीच असंतोष और बढ़ सकता है। उन्होंने व्यवस्था से जुड़े लोगों को सुधार करने की सलाह देते हुए कहा कि देश में युवाओं की उम्मीदों और उनके भविष्य से जुड़े सवालों को गंभीरता से लेना चाहिए।
बाबा रामदेव ने युवाओं के आंदोलनों का उल्लेख करते हुए कहा कि वह अराजकता के समर्थक नहीं हैं, लेकिन देश में व्याप्त कथित गड़बड़ियों को नजरअंदाज भी नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि युवाओं के भीतर रोजगार, शिक्षा और अवसरों को लेकर चिंता है। स्कूल और कॉलेजों में सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी उन्होंने उठाया और कहा कि युवाओं को बेहतर शिक्षा तथा रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है।
उन्होंने राजनेताओं से भी आपसी विवाद और राजनीतिक खींचतान से ऊपर उठकर देशहित में काम करने की अपील की। बाबा रामदेव ने कहा कि नेताओं को आपस में लड़ने के बजाय देश के विकास और जनता से जुड़े मुद्दों पर मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति और विरोध की जगह है, लेकिन व्यवस्था में सुधार के लिए जिम्मेदारी के साथ कदम उठाना भी जरूरी है।
बाबा रामदेव के इस बयान के बाद सरकारी भर्ती प्रक्रिया, युवाओं के रोजगार और कथित भ्रष्टाचार को लेकर बहस फिर तेज हो सकती है। उनके बयान ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर देने के साथ भर्ती प्रक्रिया को किस तरह अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया जाए।