मनस्वी ने दिल्ली पब्लिक स्कूल, जुनवानी, भिलाई से कक्षा 12वीं की परीक्षा 90.4 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की है। कक्षा 12वीं की पढ़ाई के साथ ही उन्होंने NEET की तैयारी पर भी लगातार ध्यान दिया। मेडिकल प्रवेश परीक्षा की कठिन प्रतिस्पर्धा के बीच पहले ही प्रयास में सफलता हासिल करना उनकी निरंतर मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण को दर्शाता है।
NEET-UG देश की प्रमुख मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में शामिल है, जिसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थी हिस्सा लेते हैं। परीक्षा की तैयारी के लिए नियमित अध्ययन, अनुशासन और लंबे समय तक निरंतर प्रयास की आवश्यकता होती है। मनस्वी ने अपनी स्कूली पढ़ाई के साथ मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी को संतुलित करते हुए यह उपलब्धि हासिल की है।
मनस्वी की सफलता की खबर सामने आने के बाद उनके परिवार में उत्साह का माहौल है। परिजनों, रिश्तेदारों, शिक्षकों, मित्रों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। नवीन कॉलोनी और पूरे फरसगांव नगर में भी उनकी उपलब्धि को लेकर खुशी जताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने इसे नगर के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया है।
मनस्वी के पिता अनिल कुमार नेताम शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था ITI भिलाई में प्रशिक्षण अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। उनकी माता कौशल्या नेताम शासकीय प्राथमिक शाला पूर्वी बोरगांव में प्रधानाध्यापिका के रूप में सेवाएं दे रही हैं। शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े माता-पिता के मार्गदर्शन और प्रोत्साहन ने भी मनस्वी की पढ़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
NEET-UG में सफलता मिलने के बाद मनस्वी के डॉक्टर बनने के सपने को नई दिशा मिली है। अब शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय रायगढ़ में MBBS की पढ़ाई शुरू कर वह चिकित्सा क्षेत्र में अपने करियर की नींव मजबूत करेंगी। उनकी इस उपलब्धि से फरसगांव के अन्य विद्यार्थियों को भी मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण की प्रेरणा मिली है।
मनस्वी की सफलता पर नगर पंचायत फरसगांव के जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, स्कूल परिवार, मित्रों, रिश्तेदारों और नगरवासियों ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। सभी ने उम्मीद जताई कि मनस्वी भविष्य में भी इसी तरह मेहनत करते हुए सफलता की नई ऊंचाइयां हासिल करेंगी और एक सफल चिकित्सक बनकर समाज की सेवा करेंगी।
पहले ही प्रयास में NEET-UG 2026 में सफलता हासिल कर MBBS की सीट प्राप्त करना मनस्वी नेताम और उनके परिवार के लिए गर्व का विषय है। उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि स्पष्ट लक्ष्य, निरंतर मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ कठिन प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में भी सफलता की राह बनाई जा सकती है।