नेपाल त्रासदी में एक ही घर से मिले 23 शव, तीर्थयात्रियों के होने की आशंका; मृतकों की संख्या 962, 4 हजार लोग लापता

नेपाल में विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। रेस्क्यू टीमों ने नुवाकोट जिले के वेत्रवंती में एक ही घर से 23 शव बरामद किए हैं। आशंका है कि मृतकों में गोसाईंकुंड जाने वाले तीर्थयात्री शामिल हो सकते हैं। अब तक करीब 962 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 4 हजार से अधिक लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। सुरंगों और मलबे में फंसे लोगों की तलाश में बचाव दल को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

Sep 1, 2026 - 11:31
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नेपाल त्रासदी में एक ही घर से मिले 23 शव, तीर्थयात्रियों के होने की आशंका; मृतकों की संख्या 962, 4 हजार लोग लापता

UNITED NEWS OF ASIA. नेपाल l नेपाल में विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के कई दिनों बाद भी तबाही की भयावह तस्वीरें लगातार सामने आ रही हैं। पहाड़ी इलाकों से आई बाढ़ ने बड़े पैमाने पर जनजीवन प्रभावित किया है। राहत और बचाव अभियान में जुटी एजेंसियां मलबे और कीचड़ में जिंदगी तलाश रही हैं। पुलिस और रेस्क्यू एजेंसियों के अनुसार अब तक करीब 962 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि लगभग 4 हजार लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।

नुवाकोट जिले के वेत्रवंती इलाके में रेस्क्यू अभियान के दौरान एक ही घर से 23 शव मिलने के बाद स्थिति और भी गंभीर हो गई है। पुलिस के मुताबिक मकान के एक कमरे से 21 शव बरामद किए गए, जबकि घर के बाहर से दो शव मिले हैं। अधिकारियों को आशंका है कि ये लोग तीर्थयात्री हो सकते हैं। नुवाकोट के पुलिस अधीक्षक विपिन रेग्मी के अनुसार एक शव विदेशी नागरिक का प्रतीत हो रहा है। प्रारंभिक आशंका है कि ये लोग गोसाईंकुंड जाने वाले यात्रियों में शामिल हो सकते हैं। शवों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।

नेपाल की त्रासदी का असर भारत के सीमावर्ती इलाकों में भी दिखाई दे रहा है। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में गंडक नदी से अब तक 13 शव बरामद किए गए हैं। इनमें छह महिलाएं और सात पुरुष शामिल हैं। भारतीय एजेंसियां इन शवों को नेपाली एजेंसियों को सौंपने की तैयारी कर रही हैं, ताकि उनकी पहचान और आगे की कार्रवाई की जा सके।

रसुवा जिले के उत्तरगया गांव से करीब 350 छात्रों के लापता होने की सूचना ने भी चिंता बढ़ा दी है। वहीं त्रिशूली 3बी जलविद्युत परियोजना में अधिकारियों और श्रमिकों समेत 118 लोगों के फंसे होने की जानकारी सामने आई है। इन लोगों से अब तक संपर्क स्थापित नहीं हो पाया है। त्रिशूली-3ए जलविद्युत परियोजना में भी बचाव अभियान लगातार चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

बाढ़ और भूस्खलन के कारण कई स्थानों पर सुरंगों और रास्तों में भारी मात्रा में कीचड़ और मलबा भर गया है। इससे राहत एवं बचाव दल को अभियान चलाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। खराब परिस्थितियों के बावजूद एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में लगातार तलाशी अभियान चला रही हैं।

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों में करीब 65 हजार लोगों को पानी, स्वच्छता और हाइजीन से जुड़ी आपात सहायता की आवश्यकता है। इसके अलावा हजारों महिलाओं और बच्चों को सुरक्षा और पोषण संबंधी सहायता की जरूरत बताई गई है। लगातार बढ़ता मृतकों और लापता लोगों का आंकड़ा नेपाल में आई इस आपदा की गंभीरता को दर्शाता है। राहत एवं बचाव एजेंसियां अब मलबे में फंसे लोगों की तलाश और प्रभावित परिवारों तक जरूरी सहायता पहुंचाने में जुटी हैं।