MCX पर पिछले कारोबारी सत्र की तुलना करें तो 31 अगस्त को सोना 1,54,456 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। 1 सितंबर को कारोबार की शुरुआत मामूली कमजोरी के साथ हुई, हालांकि बाद में सोने के भाव में हल्की तेजी देखने को मिली। चांदी की बात करें तो 31 अगस्त को MCX पर यह 2,37,977 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। इसके मुकाबले आज चांदी 2,34,420 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुली, जिससे शुरुआती कारोबार में इसमें कमजोरी दिखाई दी।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं की कीमतों में हलचल बनी हुई है। कॉमेक्स पर सुबह 7:20 बजे सोने की कीमत 0.15 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,488.40 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। वहीं चांदी का भाव 66.420 डॉलर प्रति औंस के आसपास रहा। वैश्विक बाजार में होने वाले बदलाव का सीधा असर घरेलू सर्राफा बाजार पर भी देखने को मिलता है।
शहरवार सोने के भाव की बात करें तो 24 कैरेट सोना चेन्नई और मुंबई में 15,676 रुपये प्रति ग्राम के भाव पर दर्ज किया गया। दिल्ली और आगरा में 24 कैरेट सोने की कीमत 15,691 रुपये प्रति ग्राम रही। कोलकाता में इसका भाव 15,676 रुपये और पटना में 15,681 रुपये प्रति ग्राम दर्ज किया गया।
22 कैरेट सोने की कीमत चेन्नई, मुंबई और कोलकाता में 14,369 रुपये प्रति ग्राम रही। दिल्ली और आगरा में 22 कैरेट सोना 14,384 रुपये प्रति ग्राम के भाव पर दर्ज किया गया। उपलब्ध आंकड़ों में पटना के 22 कैरेट सोने का भाव 7 रुपये प्रति ग्राम बताया गया है, जो सामान्य बाजार कीमत की तुलना में असामान्य है। इसलिए इस आंकड़े की पुष्टि संबंधित स्रोत से करना जरूरी है।
18 कैरेट सोने की कीमत चेन्नई में 12,139 रुपये प्रति ग्राम रही। मुंबई और कोलकाता में 18 कैरेट सोने का भाव 11,757 रुपये प्रति ग्राम, जबकि दिल्ली और आगरा में 11,772 रुपये प्रति ग्राम दर्ज किया गया। पटना में 18 कैरेट सोने की कीमत 11,789 रुपये प्रति ग्राम बताई गई है।
चांदी की कीमतों पर नजर डालें तो दिल्ली, मुंबई, आगरा और पटना में एक किलोग्राम चांदी का भाव 2,54,900 रुपये दर्ज किया गया। वहीं चेन्नई में चांदी की कीमत 2,59,900 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है। शहरवार कीमतों में अंतर स्थानीय बाजार, टैक्स और अन्य लागतों के कारण हो सकता है।
सोने और चांदी की कीमतों में बदलाव के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार के कई आर्थिक संकेत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। डॉलर इंडेक्स और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बदलाव से कीमती धातुओं की मांग प्रभावित होती है। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव और महंगाई की आशंकाएं भी निवेशकों के रुख को प्रभावित करती हैं।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की सितंबर में होने वाली बैठक पर भी बाजार की नजर बनी हुई है। ब्याज दरों को लेकर बनने वाली उम्मीदों, डॉलर की चाल और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के कारण आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। इसलिए खरीदारी करने वाले लोगों के लिए स्थानीय बाजार का ताजा भाव और मेकिंग चार्ज सहित अंतिम कीमत की पुष्टि करना जरूरी है।