आरंग में बनेगा भव्य संग्रहालय, छत्तीसगढ़ शासन ने 25.35 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी

आरंग क्षेत्र की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित करने की दिशा में छत्तीसगढ़ शासन ने बड़ा फैसला लिया है। संस्कृति विभाग ने नगर पालिका परिषद आरंग क्षेत्र में संग्रहालय भवन निर्माण के लिए 25.35 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की है। कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के प्रयासों से मिली इस सौगात के बाद क्षेत्र की प्राचीन मूर्तियों, पुरातात्विक अवशेषों और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने के साथ स्थानीय पर्यटन और रोजगार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

Sep 1, 2026 - 11:40
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आरंग में बनेगा भव्य संग्रहालय, छत्तीसगढ़ शासन ने 25.35 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ के आरंग क्षेत्र की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग ने नगर पालिका परिषद आरंग क्षेत्र के अंतर्गत भव्य संग्रहालय भवन के निर्माण के लिए 25.35 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस संग्रहालय के निर्माण से क्षेत्र की प्राचीन मूर्तियों, पुरातात्विक अवशेषों और ऐतिहासिक धरोहरों को सुरक्षित एवं व्यवस्थित तरीके से संरक्षित करने का रास्ता साफ हो गया है।

आरंग लंबे समय से अपने ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व के लिए जाना जाता है। क्षेत्र में प्राचीन मूर्तियों और विभिन्न ऐतिहासिक अवशेषों की मौजूदगी इसे छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण सांस्कृतिक विरासत वाले क्षेत्रों में शामिल करती है। उचित संरक्षण और प्रदर्शन की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण इन धरोहरों को लंबे समय से एक सुरक्षित और व्यवस्थित स्थान की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। अब संग्रहालय भवन के निर्माण से इस आवश्यकता को पूरा करने की दिशा में ठोस पहल हुई है।

यह स्वीकृति कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के विशेष प्रयासों के बाद मिली है। मंत्री की ओर से इस संबंध में पहल करते हुए शासन को पत्र भेजा गया था। इसके बाद संचालक, पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय की ओर से संग्रहालय भवन निर्माण का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। वित्त विभाग ने 24 अगस्त 2026 को इस प्रस्ताव पर अपनी सहमति प्रदान की, जिसके बाद संस्कृति विभाग, मंत्रालय नया रायपुर की ओर से प्रशासकीय स्वीकृति का आदेश जारी किया गया।

शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार संग्रहालय भवन के निर्माण में होने वाला पूरा व्यय वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट प्रावधान के तहत किया जाएगा। इसके लिए मांग संख्या 26 और लेखा शीर्ष 4202 के अंतर्गत 04-कला और संस्कृति मद में राशि का प्रावधान किया गया है। प्रशासकीय स्वीकृति मिलने के बाद अब निर्माण कार्य से जुड़ी आगामी प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।

संग्रहालय के निर्माण से आरंग की ऐतिहासिक पहचान को नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। यहां संरक्षित की जाने वाली प्राचीन मूर्तियां और ऐतिहासिक अवशेष आने वाली पीढ़ियों को क्षेत्र के गौरवशाली इतिहास से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। संग्रहालय स्थानीय विद्यार्थियों, युवाओं, इतिहास प्रेमियों और शोधकर्ताओं के लिए भी उपयोगी साबित हो सकता है।

इसके साथ ही संग्रहालय के बनने से आरंग में पर्यटन को बढ़ावा मिलने की संभावना है। ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों को देखने आने वाले पर्यटकों के लिए यह एक नया आकर्षण केंद्र बन सकता है। पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय स्तर पर रोजगार और छोटे व्यवसायों के लिए भी नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

आरंग क्षेत्र में लंबे समय से संग्रहालय की आवश्यकता महसूस कर रहे स्थानीय नागरिकों और इतिहास प्रेमियों ने शासन के इस निर्णय पर खुशी जताई है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि संग्रहालय बनने से आरंग की प्राचीन पहचान और सांस्कृतिक विरासत को व्यापक स्तर पर नई पहचान मिलेगी। मंत्री गुरु खुशवंत साहेब की पहल से मिली इस सौगात को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।