कार्यक्रम का आयोजन शाम 4 बजे होटल अजंता पैलेस कॉन्फ्रेंस हॉल, रतलाम में किया जाएगा। समारोह में साहित्य, कविता, कहानी, चिंतन और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनेक प्रमुख व्यक्तित्व शामिल होंगे। आयोजन के माध्यम से रतलाम में साहित्यिक गतिविधियों को नई दिशा देने और रचनाकारों को अपनी सृजनात्मक यात्रा से पाठकों को परिचित कराने का प्रयास किया जाएगा।
समारोह के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय ओजस्वी कवि एवं गीतकार डॉ. रमेश चांगेरिया प्रभात उज्जैन होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रसिद्ध कवि, लेखक एवं चिंतक प्रो. रतन चौहान करेंगे। कहानीकार, शायर एवं कवि आशीष दशोत्तर तथा पूर्व प्राचार्य एवं समाजसेवी वीणा छाजेड़ विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण कहानीकार इन्दु सिंहा ‘इन्दु’ के दो कहानी संग्रहों का विमोचन रहेगा। साहित्य में कहानी विधा का महत्वपूर्ण स्थान है और इस आयोजन के माध्यम से नई रचनाओं को पाठकों एवं साहित्यप्रेमियों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। पुस्तक विमोचन के साथ साहित्यकारों, रचनाकारों और आमंत्रित अतिथियों के बीच रचनात्मक संवाद का अवसर भी उपलब्ध होगा।
‘सुर संगम’ कार्यक्रम में ‘दो शब्द’ शीर्षक से विशेष साहित्यिक सत्र भी आयोजित किया जाएगा। इस सत्र में शहर और आसपास के साहित्यिक क्षेत्र से जुड़े रचनाकार एवं प्रबुद्धजन अपने विचार साझा करेंगे। इसमें डॉ. प्रवीणा देवेसर, एडवोकेट पंडित श्याम सुंदर दुबे, प्रकाश व्यास, प्रकाश हेमावत, जुझारसिंह भाटी, शशि गोयल, योगिता राजपूत और रमेश मनोहर शामिल होंगे।
आयोजकों के अनुसार ‘सुर संगम’ का उद्देश्य साहित्य में रुचि रखने वाले लोगों को एक मंच पर लाना और रचनाकारों की साहित्यिक यात्रा तथा उनकी पुस्तकों से पाठकों को परिचित कराना है। आयोजन के जरिए साहित्य, कविता और कहानी की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने के साथ नई रचनात्मक प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है।
आयोजकों ने बताया कि पुस्तक विमोचन के अलावा कार्यक्रम में साहित्यिक संवाद और विचार-विमर्श भी होगा, जिससे साहित्यप्रेमियों को विभिन्न रचनाकारों के विचार सुनने का अवसर मिलेगा। ऐसे आयोजनों से स्थानीय साहित्यिक गतिविधियों को गति मिलने के साथ रचनाकारों और पाठकों के बीच संवाद का दायरा भी बढ़ता है।
आयोजकों ने साहित्य, कला, कविता और कहानी में रुचि रखने वाले नागरिकों से 6 सितंबर को आयोजित ‘सुर संगम’ कार्यक्रम में उपस्थित होकर आयोजन को सफल बनाने का आग्रह किया है। रतलाम में होने वाला यह साहित्यिक समारोह पुस्तकों, रचनाओं और रचनाकारों को केंद्र में रखते हुए साहित्यप्रेमियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर साबित होने की उम्मीद है।