फुंडहर गौधाम में बारिश से गोवंश की सुरक्षा के लिए तत्काल तिरपाल लगाने के निर्देश

रायपुर महापौर मीनल चौबे ने नगर निगम के गोठानों में गोवंश की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए सभी जोन हेल्थ ऑफिसरों को मौके पर निरीक्षण के निर्देश दिए हैं। लगातार बारिश को देखते हुए फुंडहर गौधाम में गोवंश को पानी और कीचड़ से बचाने के लिए तत्काल तिरपाल और अस्थायी शेड की व्यवस्था करने को कहा गया है।

Sep 1, 2026 - 09:23
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फुंडहर गौधाम में बारिश से गोवंश की सुरक्षा के लिए तत्काल तिरपाल लगाने के निर्देश

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l लगातार हो रही बारिश के बीच फुंडहर गौधाम में गोवंश को बारिश और जलभराव से बचाने के लिए नगर निगम ने तत्काल व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर मीनल चौबे ने गोठानों में गोवंश की व्यवस्थाओं और रखरखाव की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बारिश के दौरान गौवंश को खुले में असुरक्षित स्थिति में नहीं रखा जाए। फुंडहर क्षेत्र में तत्काल सुरक्षित और मजबूत तिरपाल अथवा अस्थायी शेड की व्यवस्था करने के साथ ही कीचड़ और जलभराव से राहत के लिए सफाई एवं जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।

महापौर मीनल चौबे ने सभी जोन हेल्थ ऑफिसरों और काउकैचर टीम के कर्मचारियों की बैठक लेकर गोठानों में उपलब्ध सुविधाओं की विस्तृत जानकारी ली। बैठक में सड़क से पकड़े जाने वाले गौवंश, गोठानों की क्षमता, चारा-पानी, शेड, स्वास्थ्य व्यवस्था और पकड़े गए गौवंश की आगे की व्यवस्था को लेकर चर्चा की गई।

बैठक में सामने आया कि नगर निगम के सभी गोठानों की क्षमता लगभग पूरी हो चुकी है। इसके चलते सड़क से पकड़े जाने वाले कुछ गौवंश को आउटर क्षेत्र में छोड़े जाने की जानकारी दी गई। इस पर महापौर ने स्पष्ट किया कि गोठानों की क्षमता पूरी होना गौवंश को असुरक्षित खुले स्थान पर छोड़ने का आधार नहीं हो सकता। गौवंश को पकड़ने के बाद उसकी सुरक्षित व्यवस्था और उसे कहां रखा गया है, इसकी पूरी जानकारी संबंधित अधिकारियों के पास होनी चाहिए।

महापौर ने निर्देश दिए कि किसी भी गोठान में निर्धारित क्षमता से अधिक गौवंश न रखा जाए। गोठानों में उपलब्ध स्थान, चारा-पानी, शेड और स्वास्थ्य सुविधाओं का आकलन करने के बाद ही गौवंश को रखने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि केवल सड़क से गौवंश पकड़ना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी सुरक्षित देखभाल और उचित रखरखाव सुनिश्चित करना भी नगर निगम की जिम्मेदारी है।

सभी जोन हेल्थ ऑफिसरों को निर्देश दिया गया कि वे सभी गोठानों और कांजी हाउस का मौके पर जाकर निरीक्षण करें। निरीक्षण के दौरान वहां मौजूद गौवंश की संख्या, निर्धारित क्षमता, स्वास्थ्य, चारा-पानी, शेड, साफ-सफाई और जल निकासी की स्थिति का जायजा लिया जाए। अधिकारियों को तत्काल आवश्यक सुधारों की पहचान कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

महापौर ने कहा कि अधिकारी केवल कागजी रिपोर्ट पर निर्भर न रहें, बल्कि स्वयं मौके पर पहुंचकर गोवंश की वास्तविक स्थिति देखें। लगातार बारिश को देखते हुए फुंडहर क्षेत्र में स्थायी शेड बनने तक अस्थायी व्यवस्था तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि स्थायी निर्माण में समय लग सकता है, लेकिन तब तक गोवंश को बारिश में खुले में नहीं रखा जा सकता।

गोठानों की क्षमता पूरी होने की स्थिति में सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था तैयार करने पर भी जोर दिया गया है। बैठक में विभिन्न जोनों में काउकैचर व्यवस्था और टेंडर की स्थिति की जानकारी भी ली गई। महापौर ने कहा कि गौवंश से जुड़े संवेदनशील विषय में किसी भी स्तर पर लापरवाही, समन्वय की कमी या गैर-जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की जाएगी।

नगर निगम के अनुसार गोकुल नगर गोठान में प्रत्येक गौवंश के रखरखाव के लिए 23 रुपये तथा फुंडहर, अटारी और जरवई गोठानों में 27 रुपये प्रति गौवंश के हिसाब से भुगतान किया जा रहा है। काउकैचर टीमों द्वारा प्रतिदिन औसतन चार से पांच गौवंश पकड़े जाने की जानकारी भी दी गई। महापौर ने कहा कि जब गौवंश को पकड़ने और उनके रखरखाव पर नगर निगम की ओर से राशि खर्च की जा रही है, तब प्रत्येक गौवंश की सुरक्षित व्यवस्था और उसके गंतव्य की जानकारी अधिकारियों के पास होना जरूरी है।

बैठक में जोन 8 और जोन 10 में काउकैचर का टेंडर अब तक नहीं होने की जानकारी सामने आने पर महापौर ने संबंधित अधिकारियों के प्रति नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि किस जोन में टेंडर हुआ है, कहां काउकैचर टीम काम कर रही है और कहां व्यवस्था लंबित है, इसकी पूरी जानकारी अधिकारियों के पास होनी चाहिए।

महापौर ने आम जनता से भी अपील की कि गोवंश को दुर्घटना और कष्ट से बचाने के लिए उन्हें सड़कों पर खुले में न छोड़ें। उन्होंने कहा कि गोवंश आस्था के साथ-साथ जिम्मेदारी का विषय भी है और शासन-प्रशासन के साथ मिलकर उनके लिए जल्द से जल्द बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।