इस बार SCO सम्मेलन की अध्यक्षता किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सादिर जापारोव करेंगे। सम्मेलन में सदस्य देशों के बीच क्षेत्रीय सहयोग, सुरक्षा, आर्थिक संबंध और विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। SCO के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित हो रहे इस सम्मेलन में संगठन के भविष्य और सदस्य देशों के बीच सहयोग को मजबूत करने पर भी बातचीत हो सकती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बिश्केक दौरे के दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक प्रस्तावित है। दोनों नेताओं की बातचीत में ऊर्जा सहयोग महत्वपूर्ण मुद्दा हो सकता है। भारत की नजर रूस से तेल और भुगतान व्यवस्था को आसान बनाने जैसे विषयों पर भी रह सकती है। दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की संभावना है।
SCO सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मौजूदगी भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग के बीच अलग द्विपक्षीय बैठक को लेकर मीडिया रिपोर्ट्स में चर्चा है, हालांकि उपलब्ध जानकारी के अनुसार इसका आधिकारिक कार्यक्रम स्पष्ट नहीं किया गया है। भारत के लिए चीन के साथ सीमा से जुड़े मुद्दे और द्विपक्षीय संबंधों में स्थिरता महत्वपूर्ण विषय हो सकते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने SCO को एक महत्वपूर्ण संगठन बताते हुए कहा है कि भारत वर्ष 2017 से संगठन का सक्रिय और रचनात्मक सदस्य रहा है। उन्होंने किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सादिर जापारोव और अन्य SCO नेताओं से मुलाकात के साथ खेलों के उद्घाटन समारोह में शामिल होने की बात भी कही है।
बिश्केक में होने वाले इस सम्मेलन में भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान, ईरान समेत 10 सदस्य देशों के नेता शामिल होंगे। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर भी सम्मेलन के दौरान चर्चा होने की उम्मीद है। खास तौर पर ईरान की SCO में सदस्यता को देखते हुए पश्चिम एशिया की मौजूदा परिस्थितियां महत्वपूर्ण चर्चा का विषय बन सकती हैं।
सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक स्तर पर कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम चल रहे हैं। यूक्रेन संघर्ष, पश्चिम एशिया की स्थिति, ऊर्जा सुरक्षा और बदलती अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक परिस्थितियों के बीच SCO देशों के नेताओं की यह बैठक क्षेत्रीय और वैश्विक राजनीति के लिहाज से अहम मानी जा रही है। बिश्केक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, व्लादिमीर पुतिन और शी जिनपिंग की एक मंच पर मौजूदगी इस सम्मेलन की सबसे चर्चित तस्वीरों में से एक हो सकती है।