Adani Energy ने 3050 करोड़ रुपये में खरीदी IntelliSmart, बनी देश की सबसे बड़ी स्मार्ट मीटर कंपनी

अडाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड ने 3050 करोड़ रुपये में इंटेलिस्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर का अधिग्रहण कर लिया है। इस सौदे के बाद कंपनी के पास 4.7 करोड़ से अधिक स्मार्ट मीटर का पोर्टफोलियो हो गया है और वह देश की सबसे बड़ी स्मार्ट मीटरिंग कंपनी बन गई है।

Jun 10, 2026 - 13:38
 0  8
Adani Energy ने 3050 करोड़ रुपये में खरीदी IntelliSmart, बनी देश की सबसे बड़ी स्मार्ट मीटर कंपनी

UNITED NEWS OF ASIA. देश के बिजली क्षेत्र में एक बड़ा कॉर्पोरेट सौदा सामने आया है। अडाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (AESL) ने स्मार्ट मीटरिंग क्षेत्र की प्रमुख कंपनी इंटेलिस्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर का अधिग्रहण कर लिया है। करीब 3050 करोड़ रुपये के इस सौदे के बाद अडाणी एनर्जी देश की सबसे बड़ी स्मार्ट मीटरिंग कंपनी बन गई है। यह अधिग्रहण ऐसे समय में हुआ है जब केंद्र सरकार देशभर में स्मार्ट मीटर लगाने की योजना को तेजी से आगे बढ़ा रही है।

कंपनी ने इंटेलिस्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर की 100 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीद ली है। इंटेलिस्मार्ट वर्तमान में उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, बिहार और असम सहित कई राज्यों में स्मार्ट मीटर परियोजनाओं पर काम कर रही है। कंपनी के पास 2.2 करोड़ से अधिक स्मार्ट मीटर का पोर्टफोलियो मौजूद है। यह कंपनी नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (NIIF) और एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (EESL) का संयुक्त उपक्रम रही है।

अडाणी एनर्जी के पास पहले से ही 2.46 करोड़ से अधिक स्मार्ट मीटर का ऑर्डर बुक था। इंटेलिस्मार्ट के अधिग्रहण के बाद कंपनी के कुल स्मार्ट मीटर पोर्टफोलियो का आकार बढ़कर 4.7 करोड़ से अधिक हो गया है। इसके साथ ही कंपनी ने स्मार्ट मीटरिंग क्षेत्र में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है। इस सौदे के तहत अडाणी एनर्जी इंटेलिस्मार्ट से जुड़े कुछ वित्तीय दायित्वों और बकाया कर्ज की जिम्मेदारी भी संभालेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत में स्मार्ट मीटरिंग सेक्टर तेजी से विस्तार करेगा। बिजली वितरण प्रणाली को आधुनिक बनाने, बिलिंग में पारदर्शिता लाने और बिजली चोरी पर नियंत्रण के लिए सरकार स्मार्ट मीटर परियोजनाओं को प्राथमिकता दे रही है। ऐसे में यह अधिग्रहण अडाणी एनर्जी के लिए एक रणनीतिक और दीर्घकालिक निवेश माना जा रहा है।

स्मार्ट मीटर पारंपरिक बिजली मीटरों की तुलना में अधिक उन्नत तकनीक से लैस होते हैं। ये उपभोक्ताओं को वास्तविक समय में बिजली खपत की जानकारी उपलब्ध कराते हैं, जिससे बिजली उपयोग की निगरानी आसान हो जाती है। इसके अलावा स्मार्ट मीटर के माध्यम से बिजली कंपनियां सटीक बिलिंग कर सकती हैं और उपभोक्ताओं को गलत बिल जैसी समस्याओं से राहत मिल सकती है।

कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कंदर्प पटेल के अनुसार इस अधिग्रहण से अडाणी एनर्जी की तकनीकी क्षमता और संचालन दक्षता में वृद्धि होगी। बड़े पैमाने पर संचालन होने से लागत कम करने और सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। इसका लाभ अंततः बिजली उपभोक्ताओं को मिलेगा, जिन्हें अधिक पारदर्शी और सटीक बिलिंग सुविधा प्राप्त होगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस सौदे के बाद देश में स्मार्ट मीटर लगाने की गति तेज हो सकती है। इससे बिजली वितरण नेटवर्क अधिक आधुनिक और तकनीक आधारित बनेगा। साथ ही उपभोक्ताओं को अपनी बिजली खपत पर बेहतर नियंत्रण और अधिक पारदर्शी सेवा का लाभ मिल सकेगा। यह अधिग्रहण भारत के ऊर्जा क्षेत्र में डिजिटल बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।