पेपर लीक रोकने के केंद्र के कदम पर केजरीवाल का हमला, बोले- इससे समस्या का समाधान नहीं होगा

पेपर लीक मामलों को लेकर अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार की रणनीति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि केवल मैसेजिंग ऐप पर रोक लगाने या प्रश्न पत्रों के परिवहन के तरीके बदलने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।

Jun 17, 2026 - 12:24
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पेपर लीक रोकने के केंद्र के कदम पर केजरीवाल का हमला, बोले- इससे समस्या का समाधान नहीं होगा

UNITED NEWS OF ASIA. अरविन्द केजरीवाल ने पेपर लीक के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा उठाए जा रहे कुछ कदम समस्या की जड़ तक पहुंचने के बजाय केवल सतही समाधान तलाशने जैसे हैं। उनके अनुसार, पेपर लीक जैसी गंभीर समस्या को रोकने के लिए व्यापक और प्रभावी सुधारों की आवश्यकता है।

हाल ही में राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कुछ कदम उठाए गए हैं। इसी संदर्भ में एक मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर अस्थायी रोक लगाने और प्रश्न पत्रों की सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने जैसे निर्णय चर्चा में रहे। इन कदमों पर प्रतिक्रिया देते हुए केजरीवाल ने कहा कि केवल किसी ऐप पर रोक लगाने या प्रश्न पत्रों के परिवहन की प्रक्रिया बदलने से पेपर लीक की घटनाएं पूरी तरह समाप्त नहीं होंगी।

उन्होंने कहा कि पेपर लीक के मामलों का सबसे अधिक नुकसान छात्रों और उनके परिवारों को उठाना पड़ता है। लाखों छात्र वर्षों तक मेहनत करते हैं, लेकिन प्रश्न पत्र लीक होने जैसी घटनाएं उनकी मेहनत और भविष्य दोनों को प्रभावित करती हैं। इसलिए परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाना समय की आवश्यकता है।

केजरीवाल का कहना है कि समस्या केवल तकनीकी सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे सक्रिय नेटवर्क और जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उन पर कड़ी कार्रवाई करना भी जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब तक ऐसे मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाए जाएंगे, तब तक पेपर लीक की घटनाएं रुकना मुश्किल है।

उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए जवाबदेही तय की जानी चाहिए। प्रश्न पत्र तैयार करने से लेकर वितरण और परीक्षा संचालन तक की पूरी प्रक्रिया को आधुनिक तकनीक और निगरानी तंत्र से जोड़ा जाना चाहिए, ताकि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी की संभावना कम हो सके।

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक ने अपने बयान में यह भी कहा कि पेपर लीक का मुद्दा केवल एक परीक्षा या एक राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे देश के छात्रों से जुड़ा विषय है। इसलिए इसे राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर देखने की जरूरत है। उन्होंने छात्रों और अभिभावकों के हितों को सर्वोपरि बताते हुए सरकार से ठोस और दीर्घकालिक समाधान निकालने की मांग की।

केजरीवाल ने लोगों से भी इस मुद्दे पर जागरूक रहने और आवाज उठाने की अपील की। उनका कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी है। उनका मानना है कि मजबूत परीक्षा प्रणाली और सख्त कार्रवाई के माध्यम से ही छात्रों के भविष्य को सुरक्षित बनाया जा सकता है और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।