जी7 शिखर सम्मेलन में मोदी-ट्रंप की अहम मुलाकात आज, व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और पश्चिम एशिया संकट पर होगी चर्चा

जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 16 महीने बाद द्विपक्षीय बैठक होने जा रही है। बैठक में भारत-अमेरिका व्यापार समझौता, पश्चिम एशिया संकट, ऊर्जा सुरक्षा, होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

Jun 17, 2026 - 12:12
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जी7 शिखर सम्मेलन में मोदी-ट्रंप की अहम मुलाकात आज, व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और पश्चिम एशिया संकट पर होगी चर्चा

UNITED NEWS OF ASIA. जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi और अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के बीच आज एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक होने जा रही है। करीब 16 महीने बाद दोनों नेताओं की आमने-सामने की यह पहली औपचारिक मुलाकात होगी, जिस पर दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।

यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है और ईरान से जुड़े घटनाक्रमों ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। माना जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच ईरान संकट, होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति, ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे विषय प्रमुख रूप से चर्चा में रहेंगे।

बैठक में भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते पर भी विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से चल रही व्यापार वार्ताओं में कई तकनीकी और प्रक्रियागत मुद्दों पर प्रगति हुई है। ऐसे में यह बैठक आर्थिक सहयोग को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि व्यापार समझौते को लेकर सकारात्मक परिणाम सामने आते हैं तो दोनों देशों के व्यापारिक संबंध और अधिक मजबूत हो सकते हैं।

ऊर्जा सुरक्षा भी इस बैठक का एक अहम विषय होगी। पिछले एक वर्ष के दौरान अमेरिका से भारत के ऊर्जा आयात में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वैश्विक स्तर पर बदलती परिस्थितियों और ऊर्जा बाजार में अस्थिरता के बीच दोनों देश ऊर्जा सहयोग को और मजबूत करने पर विचार कर सकते हैं।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में सहयोग भी एजेंडे में शामिल माना जा रहा है। दोनों देश तकनीकी नवाचार, डिजिटल अवसंरचना और भविष्य की तकनीकों में साझेदारी बढ़ाने के पक्षधर रहे हैं। ऐसे में इस क्षेत्र में नए सहयोगी कदमों की संभावना जताई जा रही है।

इससे पहले जी7 सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं की संक्षिप्त मुलाकात भी हुई थी। समूह फोटो सत्र और सम्मेलन की गतिविधियों के दौरान दोनों नेताओं ने एक-दूसरे का अभिवादन किया और कुछ समय तक चर्चा की। यह मुलाकात पिछले वर्ष वॉशिंगटन में हुई बैठक के बाद दोनों नेताओं के बीच पहला प्रत्यक्ष संपर्क थी।

जी7 सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और समुद्री मार्गों की सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने हालिया घटनाओं में भारतीय नाविकों की मौत पर चिंता व्यक्त करते हुए वैश्विक समुदाय से शांति और स्थिरता बनाए रखने की अपील की। सम्मेलन में मौजूद विश्व नेताओं के समक्ष उन्होंने सुरक्षित समुद्री व्यापार मार्गों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

विश्लेषकों का मानना है कि मोदी और ट्रंप की यह बैठक न केवल भारत-अमेरिका संबंधों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि वैश्विक भू-राजनीतिक और आर्थिक परिस्थितियों के संदर्भ में भी इसके दूरगामी प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।