नेमावर पुलिस की त्वरित कार्रवाई से अज्ञात शव की हुई पहचान, करंट लगने से मौत की आशंका
देवास जिले के नेमावर थाना क्षेत्र के ग्राम मुरझाल में मिले अज्ञात शव की पहचान पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सीहोर जिले के दीप सिंह भिलाला के रूप में की। प्रारंभिक जांच में करंट लगने से मौत की आशंका जताई गई है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
UNITED NEWS OF ASIA. आदित्य श्रोत्रिय, देवास l नेमावर थाना क्षेत्र के ग्राम मुरझाल में मिले एक अज्ञात पुरुष के शव की पहचान पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कर ली। पुलिस की संवेदनशील और सक्रिय कार्यप्रणाली के चलते मृतक के परिजनों तक समय पर सूचना पहुंचाई गई, जिसके बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव नियमानुसार परिजनों को सौंप दिया गया। प्रारंभिक जांच में चिकित्सकों ने करंट लगने से मौत होने की आशंका जताई है, हालांकि मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस के अनुसार कंट्रोल रूम देवास को ग्राम मुरझाल में एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही डायल-112 और नेमावर थाना पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू की और पहचान होने तक उसे खातेगांव अस्पताल की मर्चुरी में सुरक्षित रखवाया।
मृतक की पहचान के लिए पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में जानकारी जुटाई, स्थानीय लोगों से पूछताछ की तथा उपलब्ध तथ्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। लगातार प्रयासों के बाद मृतक की पहचान दीप सिंह भिलाला, पिता राम सिंह भिलाला, उम्र लगभग 40 वर्ष, निवासी ग्राम पीली करार, थाना बुदनी, जिला सीहोर के रूप में हुई। पहचान की पुष्टि होते ही पुलिस ने तत्काल मृतक के परिजनों से संपर्क कर उन्हें घटना की जानकारी दी।
सूचना मिलने पर परिजन खातेगांव अस्पताल पहुंचे, जहां सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम उपरांत नियमानुसार शव परिजनों को सौंप दिया गया। चिकित्सकों ने प्रथम दृष्टया करंट लगने से मौत होने की संभावना व्यक्त की है, जबकि अंतिम निष्कर्ष विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही सामने आएगा।
पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक पुनीत गहलोत के निर्देशन में संपन्न हुई। मामले में नेमावर थाना प्रभारी टीना शुक्ला के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तेजी और संवेदनशीलता के साथ काम करते हुए मृतक की पहचान सुनिश्चित की और उसके परिजनों तक समय पर सूचना पहुंचाई। इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक सचिन कश्यप, आरक्षक नितेश गौर, डायल-112 के सैनिक भूपेन्द्र सिंह तोमर, संदीप सिंह तोमर तथा नारायण सिंह यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अज्ञात शवों की पहचान कर उन्हें उनके परिजनों तक पहुंचाना पुलिस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इस मामले में भी पुलिस टीम ने समयबद्ध तरीके से जांच कर मृतक की पहचान स्थापित की, जिससे परिजनों को समय पर सूचना मिल सकी और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया सम्मानपूर्वक पूरी कराई जा सकी।
फिलहाल पुलिस मामले की सभी परिस्थितियों की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी अन्य तथ्य का खुलासा होता है, तो उसके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने नागरिकों से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध घटना या लावारिस शव की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।