नंदीग्राम सीट से बीजेपी उम्मीदवार हासीरानी रथ मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पूर्व पीए चंद्रनाथ रथ की मां हैं। चंद्रनाथ रथ की 5 मई की रात उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उनकी उम्र 42 वर्ष बताई गई थी। घटना के बाद बीजेपी लगातार हासीरानी रथ के संपर्क में थी और अब पार्टी ने उन्हें नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में अपना उम्मीदवार बनाया है। हासीरानी रथ स्थानीय स्तर की राजनीति से भी जुड़ी रही हैं।
हासीरानी रथ के राजनीतिक सफर की बात करें तो वह शुरुआत में तृणमूल कांग्रेस से जुड़ी थीं। बाद में जब शुभेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा, तब हासीरानी रथ भी बीजेपी में शामिल हो गईं। अब पार्टी ने उन्हें नंदीग्राम जैसी महत्वपूर्ण विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतारा है। नंदीग्राम लंबे समय से पश्चिम बंगाल की राजनीति में बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस के बीच संघर्ष का प्रमुख केंद्र रहा है।
नंदीग्राम विधानसभा सीट इसलिए भी चर्चा में रही है क्योंकि वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने यहां से चुनाव लड़ा था। उनका मुकाबला शुभेंदु अधिकारी से हुआ था और ममता बनर्जी को इस सीट पर हार का सामना करना पड़ा था। बाद में शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद नंदीग्राम विधानसभा सीट खाली कर दी, जिसके चलते यहां उपचुनाव की स्थिति बनी है।
वहीं रेजीनगर विधानसभा सीट आम जनता उन्नयन पार्टी के संस्थापक हुमायूं कबीर के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। इस सीट पर बीजेपी ने शाखारव सरकार को अपना उम्मीदवार बनाया है। रेजीनगर में भी उपचुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है। बीजेपी के उम्मीदवारों की घोषणा के साथ अब अन्य दलों की ओर से उम्मीदवारों और चुनावी रणनीति को लेकर तस्वीर और स्पष्ट होने की संभावना है।
उपचुनाव के कार्यक्रम के अनुसार उम्मीदवार 16 सितंबर तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे। इसके बाद चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और 6 अक्टूबर को दोनों विधानसभा क्षेत्रों में मतदान कराया जाएगा। 9 अक्टूबर को मतगणना के बाद नतीजे सामने आएंगे। नंदीग्राम और रेजीनगर दोनों सीटों के परिणाम पश्चिम बंगाल की राजनीति में अलग-अलग राजनीतिक समीकरणों पर असर डाल सकते हैं।
बीजेपी के उम्मीदवार घोषित होने के बाद अब चुनाव प्रचार का दौर तेज होने की संभावना है। नंदीग्राम में हासीरानी रथ की उम्मीदवारी के साथ चंद्रनाथ रथ से जुड़ा राजनीतिक संदर्भ भी चुनावी चर्चा का हिस्सा बन सकता है। वहीं रेजीनगर में शाखारव सरकार के सामने पार्टी के प्रदर्शन को मजबूत करने की चुनौती होगी। दोनों सीटों पर होने वाले उपचुनाव के नतीजों पर राजनीतिक दलों के साथ-साथ राज्य की जनता की भी नजर रहेगी।